बनाए गोवर्धन पूजा को और भी ज्यादा खास...
दिवाली को लेकर हर कोई उत्सुक रहता हैं, इस साल दिवाली 24 october को मनाई जाएगी और दिवाली के साथ ही नरक चतुर्दशी, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज भी जोरों शोरों से मनाते हैं। हर पर्व का अपना ही एक विशेषमहत्व होता हैं। दिवाली के अगले दिन यानि 25 october को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाती हैं और आसपास श्रीकृष्ण, ग्वाल-बाल आदि की आकृति बनाकर उसकी पूजा करती हैं। गोवर्धन पूजा भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण से जुड़ा पर्व हैं। अगर आप इस पर्व के मौके पर घर पर छुट्टी मना रहे हैं तो परिवार के साथ श्रीकृष्ण की नगरी घूम आए । घर पर तो हर बार गोवर्धन पूजा करते हैं, इस बार मथुरा में खास गोवर्धन पूजा देखने जा सकते हैं।
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आइए आपको गोवर्धन पूजा की कथा, श्री कृष्ण से गोवर्धन पूजा का संबंध और मथुरा में खास तरीके से गोवर्धन पूजा के बारे में बताते हैं।
गोवर्धन पूजा की कथा
गोवर्धन पूजा श्री कृष्ण के बाल्यकाल की नटखट शरारतों से जुड़ा एक पर्व है। एक बार गोकुल में बहुत ज्यादा वर्षा हुई। इंद्रदेव के नाराज होने पर मूसलाधार वर्षा से लोग परेशान हो गएथे। तब श्रीकृष्ण ब्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत के पास ले गए और कहा कि “हे गोवर्धन नाथ सभी ब्रजवासियों की रक्षा करो”। इतना कहकर कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर पर्वत को उठा लिया और सभी बृजवासी बारिश से बचने के लिए पर्वत के नीचे आ गए। उस दिन के बाद गोवर्धन पर्वत की पूजा का रिवाज है। माना जाता है कि वह बादलों को रोककर बृज में वर्षा कराते हैं, जिससे कृषि अच्छी होती है।

कैसे जाए श्रीकृष्ण नगरी
उत्तर प्रदेश में स्थित मथुरा-वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन और गोकुल का सफर दिल्ली से महज ढाई से तीन घंटे का रास्ता है। यमुना एक्सप्रेस वे से बस या टैक्सी से सफर पर निकल सकते हैं। कम समय और कम पैसों में आप बृज घूम सकते हैं। गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने के अलावा कृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए भी जा सकते हैं।
ब्रज में घूमने के लिए जगह
बृज में दिवाली से ज्यादा धूम गोवर्धन पूजा की होती है। यहां कई मंदिरों में गोवर्धन पूजा के दिन खासधूम धाम से आयोजन होता है। बृज में वृंदावन से गोवर्धन तक घूमने के लिए काफी कुछ है।बाँके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन टेम्पल, मानसी गंगा के तट पर मुकुट मुखारविंद मंदिर, दानघाटी मंदिर, और जतीपुरा का मुखारबिंद मंदिरआदि बहुत मंदिर है। गोवर्धन पूजा के मौके पर जतीपुरा में अन्नकूट पर विशेष आयोजन होता है।

गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा
गोवर्धन पूजा के मौके पर लोग मथुरा-बरसाना पहुंचकर गोवर्धन पर्वत की पूजा के लिए जाते हैं। अन्नकूट बनाकर गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण को अर्पित किया जाता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा का भी खास महत्व है। मान्यता है कि गोवर्धन पूजा के लिए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह भी मान्यता है कि जिन लोगों ने अपने जीवन में चार धाम की यात्रा न की हो, उन्हें गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से चार धाम की यात्रा का फल मिलता है।





