देश में महंगाई की मार फिर भी मंदिर-मस्जिद की लड़ाई में ज्यादा रूची

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इन दिनों देश हिन्दू-मुस्लिम, मंदिर- मस्जिद के विवादों में उलझा हुआ है लेकिन देश में मंहगाई किस कदर बढ़ रही है इस ओर किसी का ध्यान नहीं है, देश की जनता को मंहगाई के मोर्चे पर एक के बाद एक झटके लग रहे है और सरकार की तमाम कोशिशें मंहगाई पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रही है, सरकार की ओर से आज अप्रैल के मंहगाई के जो आंकड़े जारी किए गए है, वो बीते 9 सालों में सबसे अधिक है, रिकॉर्ड बनाती मंहगाई के आंकड़ो को लेकर देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

आम लोगों के ऊपर महंगाई की मार कम होने का नाम नहीं ले रही है, अप्रैल 2022 में थोक महंगाई ने भी नया रिकॉर्ड बना दिया है, सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने थोक महंगाई की दर 15.08 फीसदी रही. साल भर पहले यानी अप्रैल 2021 में थोक महंगाई की दर 10.74 फीसदी थी, थोक महंगाई में हुए इस इजाफे पर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का कहना है कि अप्रैल 2022 में मुद्रास्फीति की उच्च दर मुख्य रूप से खनिज तेलों, मूल धातुओं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, खाद्य पदार्थों, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य उत्पादों और रसायनों और रासायनिक उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण थी।

डिपार्टमेंट ऑफ प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड ने आज अप्रैल महीने के लिए थोक महंगाई के आंकड़े को जारी किया। बढ़ती महंगाई के साथ-साथ गेंहू का घटता स्टॉक भी चिंता बढ़ा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में गेंहू का स्टॉक 2022-23 में कम हो सकता है और 2016-17 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। पिछले 13 सालों में यह अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकता है। सरकार की ओर से भी पिछले 15 सालों में गेंहू की खरीद सबसे कम की गई है। इससे पहले सरकार ने पिछले सप्ताह खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए थे. 

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सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई की दर 7.8 फीसदी रही, जो मई 2014 के बाद सबसे ज्यादा थी. बढ़ती महंगाई के चलते रिजर्व बैंक को इस महीने की शुरुआत में अचानक एमपीसी की बैठक कर रेपो दर बढ़ाना पड़ा था. रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 0.40 फीसदी बढ़ाते हुए स्वीकार किया था। आपको बतां दे कि भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल, यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स भी कहते हैं। 

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