अब जामा मस्जिद में मिला है ज्ञानव्यापी जैसा शिवलिंग, जानें पूरी खबर!

राज्य समाचार

इन दिनों देश में मंदिर और मस्जिद को लेकर ऐसे दावे किए जा रहे है जिसके कारण धर्म के आधार पर लोग एक दूसरे से नफरत कर रहे हैं। कभी ताजमहल तो कभी कुतुब मीनार और सबसे ज्यादा बड़ा ज्ञानव्यापी का विवाद है। लेकिन इस बीच भोपाल की जामा मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा हुआ है और दावा किया जा रहा है कि​ इसके अंदर शिव मंदिर होने का दावा किया गया है।

Azam को सता रहा Encounter का डर!

देशभर में बनारस के ज्ञानवापी मस्जिद मामले की चर्चा जोरों पर है, ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सर्वे की दो रिपोर्ट भी कोर्ट को सौंप दी गई है, वहीं अब मध्य प्रदेश की जामा मस्जिद सुर्खियों में आ गई है, भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन में जामा मस्जिद में 'शिव मंदिर' होने का दावा किया है, कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया गया है।

अब इस जामा मस्जिद की मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोतम मिश्रा से सर्वे कराने की मांग की जा रही है, जामा मस्जिद पर शिव मंदिर के दावे के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है, चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि वो जल्द ही मुद्दें को कोर्ट भी लेकर जाएंगे। वहीं शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, मुफ्ती अब्दुल कलाम कासमी, नायब काजी सैयद बाबर हुसैन नदवी, नायब मुफ्ती रईस अहमद कासमी, जसीम दाद खां जामई, नायाब काजी मो. शराफत रहमानी, मो. अली कदर हुसैनी आदि ने एक संयुक्त बयान में कहा कि जामा मस्जिद भोपाल रियासत कालखंड की है और इसके तमाम दस्तावेज जामा मस्जिद प्रबंध कमेटी के पास मौजूद हैं। 


शहर काजी समेत उलेमाओं का कहना है कि  सोशल मीडिया पर जामा मस्जिद को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। यह सरासर गलत और गुमराह करने वाली हैं।वहीं संस्कृति बचाओ मंच ने कुदसिया बेगम की लिखी गई बुक का हवाला भी दिया है. मस्जिद से जुड़े अन्य दस्तावेज भी एकट्‌ठा किए हैं. दावा है कि दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए जाएंगे और याचिका के जरिए सर्वे कराने की मांग की जाएगी।जामा मस्जिद में शिव मंदिर के दावे को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल महसूस होने लगी है, जामा मस्जिद में सर्वे की मांग को लेकर अब सीएम या गृहमंत्री की तरफ से किया फैसला किया जाएगा ये देखने वाली बात होगी। 

कमेंट करें