दंगा करवाने के लिए मुस्लिम भाईयों ने लगाई मजार में आग, फिर हुआ खुलासा

राज्य समाचार

नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर दी गई विवादित टिप्पणी के बाद देश के कई हिस्सों में मजहबी तनाव जारी हैए ऐसे में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र से एक ऐसी ही खबर सामने आई हैए जो आम लोगों में असंतोष पैदा कर सकती है। रविवार को तीन मजारों पर तोड़फोड़ और आगजनी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने 2 आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया है और एक बड़ी सांप्रदायिक साजिश को अंजाम देने से रोका है।

भगवा की आड़ में मुस्लिमों ने लगाई मजारों में आग, दंगों की थी बड़ी साजिश!

पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन 2 लोगों ने मजारों पर तोड़फोड़ और आगजनी की वो मुस्लिम समुदाय के ही हैए जिन्हें मजारों को क्षतिग्रस्त करते हुए स्थानीय लोगों ने देखा तो पुलिस में इसकी शिकायत कर दीए मजहबी उलेमाओं के सामने घटनास्थल का मुआएना करने के बाद बताया गया कि मजहबी पुस्तकों को कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन मजार की चादर और पर्दे जलाकर खाक कर दिए गए हैं। आरोपियों की इस हरकत के पीछे बहुत बड़ी साजिश थी जिसे पुलिस ने सफल होने से रोक दिया। 

कमाल और आदिल नाम के इन दोनों आरोपियों से जब पुलिस ने पूछताछ की तो इन्होंने कहा कि इन लोगों ने न केवल जलाल शाह की मजार और भूरे शाह की मजार पर आगजनी की बल्कि कुतुब शाह की मजार को भी तोड़ा थाए और ये अभी और मजारों को भी तोड़ेंगे। इन लोगों का कहना है कि ऐसी मजारों का कोई फायदा नहीं होता हैए इसलिए इन्होंने ऐसा किया। अब भी ये दोनों पुलिस की गिरफ्त में है और पूछताछ जारी है। अब उनसे पूछा जा रहा है कि इस तरह भगवा पहनकर मजार तोड़ने का क्या मकसद था। जरूरत पड़ने पर एटीएस भी जांच में शामिल होगी। इस घटना के पीछे मकसद ये भी बताया जा रहा है कि सिर पर भगवा रंग का गमछा बांध कर घटना को इसलिए अंजाम दिया गया हो ताकि कांवड़ियों को बदनाम किया जा सकेए लेकिन पुलिस ने समय रहते घटना का पर्दाफाश कर दिया।


 वहीं इस मामले पर यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि इन दोनों आरोपियों के गिरफ्तार करने के बाद  जमीनी स्तर पर अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा गया है और सोशल मीडिया पर निगरानी बनी हुई हैए ताकि महजबी दंगों को होने से रोका जाए। 

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