शील धाबाई बनी ग्रेटर की नई मेयर, बीजेपी नेताओं ने बनाई दूरी

राज्य समाचार

जयपुर नगर निगम ग्रेटर में एक बार फिर मेयर के रूप शील धाबाई ने कुर्सी संभाली है। इस कार्यक्रम के दौरान बीजेपी नेताओं ने ज्यादा रूची नहीं दिखाई और  कुछ पार्षद के साथ विधायक कालीचरण सराफ भी पहुंचे। पहले दिन भाजपा का कोई बड़ा पदाधिकारी नहीं आया तो कई सवाल खड़े हुए। सरकार ने पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर को दोषी पाए जाने के बाद पद से बर्खास्त कर दिया था।

नई मेयर शील धाबाई ने कहा पहले जिस तरह से उन्होंने काम किया था। उन्होंने कहा उनके निगम में की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए ज्यादा काम किया जाएगा। शील धाबाई को वसुंधरा राजे के गुट का माना जाता है लेकिन कांग्रेस ने नेता भी उनके साथ अच्छा तालमेल है। इसी वजह से उनको मेयर बनाया गया है। 5 साल के कार्यकाल पूरा होने से पहले 3 बार मेयर बदला गया है। शांति धारीवाल ने भी धाबाई के पिछले कार्यकाल को अच्छा बताया था।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अजय ओक और जस्टिस संजय किशन कौल ने ये आदेश सुनाया है। सरकार न्यायिक जांच की रिपोर्ट के बाद नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र है। मेयर सौम्या गुर्जर के साथ तीन पार्षदों को दोषी पाया गया था। 

कमेंट करें