रीट पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

राज्य समाचार
रीट भर्ती 2021 के परिणाम के बाद गलत उत्तर को लेकर न्यायाधीश महेन्द्र गोयल ने रामेश्वर प्रसाद शर्मा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए विवादित उत्तरों से जुड़े मामले में शिक्षा सचिव, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित रीट समन्वयक से जवाब मांगा है।

अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ताओं की ओर से सही उत्तरों के साक्ष्य सहित बोर्ड में आपत्तियां दर्ज करवाई गई, लेकिन बोर्ड ने नियमानुसार उनको सही नहीं माना। आपत्तियों की जांच के लिए गठित की गई विशेषज्ञ कमेटी की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की गयी है। 

याचिकाकर्ताओं ने बोर्ड की मान्यता प्राप्त पुस्तकों को पेश किया, जिसमें उत्तर सही है पर बोर्ड ने गलत माने हैं। प्रथम और द्वितीय स्तर के विवादित प्रश्नों की जांच विशेषज्ञ कमेटी गठित से करवायी जाये और याचिकाकर्ताओं को इनके अंक दिलाए जाएं। कोर्ट ने 26 नवंबर तक जवाब मांगा है और इसके बाद कोर्ट तय करेगा की वह कितने प्रश्नों को सही मानता है।


वहीं दूसरी तरफ BED और BSTC विवाद के कारण भी भर्ती प्रक्रिया का विवाद कोर्ट में है। इस विवाद पर 22 नवंबर को जोधपुर हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होगी जिसके बाद तस्वीर साफ होगी कि इसमें BED वाले शामिल होंगे या नहीं। इस विवाद के खत्म होने के बाद भर्ती प्रकिया में तेजी आ सकती है।

रीट में पद बढ़ाने को लेकर भी बेरोजगार सोशल मीडिया पर 50 हजार पदों की मांग कर रहे हैं। बेरोजगारों ने कहा कि कोरोना के कारण भर्ती में 3 की देरी हुई है और सरकार ने BED अध्ययनरत छात्रों को भी शामिल करने की घोषणा की है तो पद भी बढ़ाने चाहिए। 

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