राजस्थान मंत्रिमंडल फेरबदल का काउंटडाउन शुरू, इन नामों पर हुई चर्चा

राज्य समाचार
राजस्थान मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर पहली सीएम गहलोत ने तस्वीर साफ कर दी है कि जल्द ही मंत्रिमंडल में बदलाव होगा । दिल्ली आलाकमान पंजाब और छत्तीसगढ़ जैसे हालात नहीं चाहता है और वह जल्द ही राजस्थान में बगावती नेताओं को शांत करना चाहती है। सीएम के बयान के बाद लग रहा है कि इस बार पूरे मंत्रिमंडल का इस्तीफा लेकर नए सिरे से सरकार का पुनर्गठन हो सकता है। 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिवालय कर्मचारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह में कहा इस कार्यक्रम को देखकर लग रहा है कि हमारे सरकार के मंत्रिमंडल का पुनर्गठन है, वह भी अब जल्द होगा। गहलोत ने कहा- आपके कारण ही नए कैबिनेट का काम रुका हुआ था अगर आप यह पहले करते तो हमारा मंत्रिमंडल पहले ही पुनर्गठित हो जाता। 

पायलट कैम्प की बगावत के बाद से ही अटकले लगाई जा रही थी राजस्थान में फेरबदल होगा लेकिन सीएम की तबीयत खराब होना और कोरोना के कारण यह नहीं हो पा रहा था। पायलट—गहलोत गुट की जंग भी अब धीमी पड़ गयी है तो आलाकमान भी जल्द ही सरकार में पायलट गुट को शामिल करके राजस्थान की गुटबाजी को खत्म करना चाहता है।


इनको मिलेगा एक पद

'एक व्यक्ति एक पद' के सिद्वात के तहत मौजूदा शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा की जिम्मेदारी कम की जा सकती है। नये मंत्रिमंडल में जातिय समीकरणों का ध्यान रखते हुए कुछ नये चेहरों को भी शामिल किया जा सकता है।

पायलट गुट की वापसी

सचिन पायलट स्वंय तो कोई पद नहीं लेंगे लेकिन अपने गुट के वेदप्रकश सोलंकी, मुरारी लाल मीणा, मुकेश भाखर और रमेश मीणा को मंत्री पद दिला सकते हैं। इसके साथ निर्दलिय विधायक और बसपा से आये विधायकों को भी जगह मिलेगी। इस नए फेरबदल में अशोक चांदना को बड़ा मंत्री पद दिया जा सकता है।

कमेंट करें