पीएम मोदी ने कृषि कानूनों को खत्म करने का किया एलान, गहलोत ने बताया अंहकार की हार

देश विदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु पर्व और कार्तिक पूर्णिमा के खास मौके पर राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से क्षमा मांगते हुए कहा कि शायद हमारी तपस्या में कसर रह गयी। उन्होंने कहा कि गुरुनानक देव का पवित्र पर्व दिन है और  कहा कि इस महीने के अंत तक तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू कर देंगे। पीएम ने सभी ​किसानों से अपील की है वह इस पर्व के मौके पर अपने घर लौट जाए। 

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु पर्व और कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डेढ़ साल के बाद करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खुल गया है। पीएम मोदी ने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की तरफ से की गई उपज की खरीद ने कई रिकार्ड तोड़ दिए है। पीएमने कहा कि किसानों का कानूनों को समझाने का भरपूर प्रयास किया गया था लेकिन वह उन को अच्छे से नहीं समझा पाये। 


तीनों नए कृषि कानून 17 सितंबर 2020 को संसद से पास हुए थे और इसके बाद से लगातार किसान संगठनों की तरफ से इन कानूनों को खत्म करने की मांग की जा रही थी। प्रधान सेवक के रूप में आप सभी ने सेवा करने का मौका दिया, तो हमने कृषि सुधारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और किसानों की स्थिति में सुधार के लिए यह बिल पारित किये थे।

पंजाब के पूर्व सीमए अमरिंदर सिंह

मोदी के इस फैसल के बाद पंजाब के अमरिंदर सिंह ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 

राजस्थान के सीएम गहलोत ने कहा, बील वापस लेने पर लोकतंत्र की जीत एवं मोदी सरकार के अहंकार की हार है। देश कभी नहीं भूल सकता कि मोदी सरकार के अभिमान के कारण सैकड़ों किसानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

कमेंट करें