राजस्थान मंत्रिमंडल विस्तार: 21 नवंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह, इनको मिलेगा मंत्री पद!

मुख्य पृष्ठ
राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट गुट और सीएम अशोक गहलोत गुट के बीच चल रही गुटबाजी को खत्म होने के आसार बन गये हैं। दिल्ली आलाकमान अब राजस्थान सरकार में बड़ा परिवर्तन करके दोनों नेताओं की लड़ाई को शांत करके पार्टी में एकजुटता लाने की कोशिश में है। सीएम अशोक गहलोत ने आज शाम पांच बजे मुख्यमंत्री आवास पर मंत्रिमंडल और मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी मंत्रियों से इस्तीफा लिया जा सकता है या फिर नये मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि 21 नवंबर को गहलोत सरकार के कैबिनेट का शपथ ग्रहण होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।

गवर्नर कलराज मिश्र यूपी से वापस आ रहे हैं तो कल राजस्थान के प्रभारी अजय माकन जयपुर पहुंचे और उन्होंने राजस्थान के तीन मंत्रियों गोविन्द सिंह डोटासरा, रघु शर्मा और हरीश चौधरी  के त्यागपत्र देने की जानकारी दी। इन तीनों ने  कांग्रेस संगठन में काम करने की इच्छा जाहिर करते हुए राष्ट्रिय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा है। सीएम अशोक गहलोत उदयपुर दौरे पर थे लेकिन उनका दौरा कैंसिल कर दिया गया और उनको जयपुर बुला लिया गया है। 3 मंत्रियों के इस्तीफे देने के बाद गहलोत कैबिनेट में 12 मंत्रीपद रिक्त हो गये है।


पायलट गुट के विधायकों को मिलेगा मौका

राकेश पारीक, मुरारी लाल मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजेंद्र सिंह शक्तावत, भंवर लाल शर्मा, विजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी,  विश्वेंद्र सिंह, मुकेश भाकर और वेद प्रकाश सोलंकी में से 5 लोगों को मंत्री पद मिल सकता है।

बसपा छोड़कर आये विधायक के साथ निर्दलीय विधायक भी होंगे शामिल

संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुढ़ा के साथ निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा व बाबू लाल नागर में से 4 विधायकों भी मंत्री मंडल में शामिल किया जा सकता है।

कमेंट करें