उत्तराखंड में बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेताओं ने दिखाए बागी तेवर, दिल्ली आलाकमान की बड़ी चिंता
उत्तराखंड में चुनावों से पहले बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं में जबरदस्त बागी तेवर दिखाने शुरू कर दिए है और ऐसे में दिल्ली बैठे नेताओं की चिंताएं बढ़नी शुरू हो गयी है। बीजेपी ने पहले अपने नेताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए एक बाद एक सीएम बदल दिये लेकिन इसके बाद भी बीजेपी सरकार के कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस्तीफा देने की धमकी दे डाली।
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इस्तीफा अपने विधानसभा क्षेत्र में कार्य नहीं होने के कारण दिया जाना बताया है। कैबिनेट मंत्री हरक ने कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज के लिए बजट जारी नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कोटद्वार मेडिकल कॉलेज का मसला उठा था लेकिन पहले एक कॉलेज होने के कारण दूसरी कॉलेज को लेकर बजट नहीं मिल पा रहा था।
इस घटना के दिल्ली के नेताओं ने इस घटनाक्रम पर एक्शन लिया और उनकी मांग को जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व से बातचीत कर हरक सिंह रावत को माना लिया गया है और इस्तीफा देने की खबरों को गलत बताया है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ हरक सिंह पहले भी इस तरह से इस्तीफा देने की धमकी दे चुके है लेकिन इस बाद दिल्ली के नेताओं ने उन पर नजर बनानी शुरू कर दी है।

पिछले दिनों उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्वीट करके कहा था कि संगठन उनका साथ नहीं दे रहा है मन कर रहा है कि अब आराम करू। इसके बाद दिल्ली में बैठे कांग्रेस के नेताओं की धड़कने बड़ गयी और रावत की नाराजगी को दूर करने के लिए उन्हें दिल्ली बुला लिया गया। इसके बाद हरीश रावत को प्रचार अभियान की कमान देने का फैसला किया गया है। इन दोनों खबरों से लग रहा है कि आने वाले चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस की चिंता जरूर बढ़ने वाली है।





