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क्राइम

दर्दनाक मौत से खत्म हुई बचपन की प्रेम कहानी, गर्लफ्रेंड के बाद बॉयफ्रेंड 8वीं मंजिल से कूदा

प्रकाशित: Mar 25, 2022 20:09रिपोर्ट: Navtej TV

बचपन का प्यार और उसका दर्दनाक अंत, एक आत्मघाती कदम और सब कुछ खत्म, विवेक और अंजलि ने मामूली अनबन के चलते इस दुनिया से रूखरत लेने का फैसला लिया, नमस्कार, मैं हर्षदा नवतेज टीवी में आपका स्वागत है, बिहार के मुजफ्फरपुर में अंजलि ने फंदे से लटकर आत्महत्या की तो उसके गम में विवेक ने जयपुर में 8वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।

प्यार की राह में आए किसी दुखद मोड़ पर जब कोई फैसला दिल से किया जाता है तो वह अक्सर गलत निकलता है. ऐसे ही एक मोड़ पर एक गलत फैसला अंजलि ने कर लिया और उसके आत्मघाती कदम का असर यह पड़ा कि दूसरे शहर में रह रहा उसका प्रेमी भी उसी रास्ते पर चल पड़ा और दोनों की मौत हो गई. दोनों अलग-अलग शहर में रह रहे थे।

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मामला बिहार के मुजफ्फरपुर के काजीमुहम्मदपुर थाना क्षेत्र का है, पंखाटोली में अवधेश चौधरी की बेटी अंजलि सीए की तैयारी कर रही थी, वहीं नीम चौक शंकरपुरी में रहनेवाला विवेक कुमार और अंजलि बचपन से साथ पढ़ते थे. क्लास 8वीं से चल रही इनकी दोस्ती बड़े होने के साथ-साथ बड़ी होती गई और प्यार में तब्दील हो गई. 4 साल पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने विवेक जयपुर आ गया, इसके बावजूद दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे।

इन दिनों अंजलि और विवेक के रिश्ते में किसी बात को लेकर खटास आ गई थी, एक कॉमन फ्रेंड कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिये दोनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान ही अंजलि और विवेक में फिर झगड़ा हो गया, इससे आहत होकर अंजलि ने देर रात खुदकुशी कर ली, सुबह जब अंजलि की मौत की खबर विवेक के पास पहुंची तो वह दुख और आत्मग्लानि में ऐसा डूबा कि खुद को संभाल नहीं पाया और जयपुर में 8वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी।


आत्महत्या समस्या से जूझते जीवन का अंत है, न कि उसका समाधान जिसके लिए वे मौत को गले लगाने के लिए मजबूर होते हैं, वास्तव में कोई भी दुख या तकलीफ जिंदगी से बढ़कर नहीं होती। हर व्यक्ति के जीवन में ऐसा दौर आता है जब सबकुछ खत्म-सा लगने लगता है, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं कि हम खुद ही खत्म हो जाएं।