हिन्दुस्तान के इस राज्य में 56 सालों से नहीं बन पाया कोई हिन्दू मुख्यमंत्री, जानें इसकी पूरी कहानी
भारत में चुनावों के समय सभी दल धर्म के नाम पर वोट मांगते है और सत्ता तक पहुंचते है लेकिन पिछले कुछ समय से धर्म की जगह विकास के नाम पर वोट मांगने की पंरपरा चली है। हाल ही में चुनाव आयोग ने 5 राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है और एक बार फिर धर्म के नाम पर वोट मांगने का काम शुरू हो गया है। पूरे देश में लगभग 30 राज्य है और चुनावों के समय धर्म के नाम वोट मांगते है और धर्म के नाम पर सीएम को चुना जाता है लेकिन देश में एक ऐसा राज्य है जहां सभी दल धर्म के नाम पर वोट नहीं मागते है और धर्म के नाम सीएम का ऐलान नहीं करते है।

इस बात का बहुत कम लोगों को पता है कि भारत में पंजाब एक ऐसा प्रदेश है जहां सीएम एक धर्म विशेष का ही चुना जाता है और वहां दूसरे धर्म के नाम के सीएम पर कोई भी दल चुनाव लड़ना नहीं चाहता है। अगर बात करें पंजाब के इतिहास की तो पिछले 55 सालों में वहां एक समुदाय के आलावा अन्य समुदाय का सीएम नहीं बना है। पंजाब में सिख समुदाय का ज्यादा प्रतिशत है और इसी वजह से वहां पर सीएम उम्मीदवार भी सिख ही होता है और इसी वजह से इस प्रदेश में कभी हिन्दू सीएम नहीं बना सका है। इस प्रदेश से पीएम भी मिले है लेकिन हिन्दु सीएम को लेकर कोई भी दल खतरा मोल नहीं लेना चाहता है।
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इस बार चुनावों में भी वहीं देखने को मिल रहा है और सभी दल सिख समुदाय पर अपना ध्यान दे रहे हैं क्योंकि उनको सत्ता में आना है तो हिन्दू से ज्यादा सिख समुदाय को खुश करना है। पिछले दिनों कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार हिन्दू सीएम के रूप में सुखजिंदर सिंह रंधावा को लेकर चर्चा तेज हुई थी लेकिन इसके बाद चन्नी को मौका मिला तो यह पंरपरा टूट नहीं सकी। आजादी के बाद से लेकर अब तक पंजाब में केवल तीन हिन्दू सीएम रहे है जो इस प्रकार है।
1. गोपाल चंद भार्गव
पंजाब का पहला मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता गोपाल चंद भार्गव को बनाया गया।
2. भीम सेन सच्चर
गोपाल चंद भार्गव के बाद भीमसेन सच्चर पहले चुने गए सीएम थे।
3. राम किशन
पंजाब के अंतिम हिंदू सीएम राम किशन 1964 से लेकर 1966 तक रहे थे।

आजादी के शुरूआती सालों में लगभग 20 सालों तक हिन्दू सीएम मिला लेकिन 1966 के बाद से 2021 तक हिन्दू सीएम नहीं मिला। अगर बात करें पंजाब के इतिहास की तो पाकिस्तान से लगे होने के कारण यह प्रदेश बहुत ही संवेदनशील माना जाता है और कई सीएम इसको लेकर कई बड़े खुलासे कर चुके हैं।





