यूपी में किंग मेकर की भूमिका में होगी मायावती, बीजेपी को मिलेगा माया का साथ!
यूपी चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में जबरदस्त घमासान देखने को मिल रहा है और इस बार सभी बड़े दलों ने अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह चुनाव सभी दलों का राजनीतिक भविष्य तय करेगा क्योंकि सपा और बसपा अपना वजूद बचाने के लिए लड़ रही है तो कांग्रेस प्रियंका के भरोसे कुछ चमत्कार होने की आश लगाकर बैठी है। वही सत्ताधारी दल बीजेपी योगी के नाम पर फिर से सरकार बनाने का सपना देख रही है।
यूपी में सरकार बनाने के लिए 200 सीटों का आंकड़ा पार करना होता है और इसी वजह से सभी दल जोड़ तोड़ करके इस जादूई आंकड़े को छूने की तैयारी में लगी है। लेकिन चुनावों से पहले कई मीडिया चैनल ने सर्वे किया है जिसमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन रही है लेकिन बहुमत का आंकड़ा पार करने में उसे कुछ सीटों की जरूरत पड़ सकती है तो वही सपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन रही है जिसे भी किसी अन्य दल के सहयोग की जरूरत पड़ सकती है।
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इस चुनाव में सपा और बीजेपी में जबरदस्त तनातनी देखने के साथ एक दूसरे को चुनावों की बाद देख लेने की धमकी दी जा रही है। लेकिन इस बार यूपी की 4 बार की CM मायावती साइलेंट मोड पर है और चुनावों के बाद कुछ बड़ा करने की तैयारी में है। चुनावी प्रचार में वह बीजेपी पर ज्यादा हमले नहीं बोल रही है और यह इस बात की ओर इसार कर रही है कि अगर सरकार बनाने में बीजेपी को किसी की जरूरत पड़ी तो वहां मयावती किंग मेकर की भूमिका में नजर आ सकती है।
मायावती का बीजेपी पर हमला नहीं करने का कारण आय से अधिक संपत्ति को बताया है जिसके कारण केंद्र की जांच एजेंसिया उन पर शिकंजा का दिया है। इस वजह से वह बीजेपी को अपने चुनावी भाषणों से दूर रख रही है। मायावती ने पहले भी बीजेपी की सरकार बनाने में मदद की थी और यह बात भी किसी से छूपी नहीं है कि मायावती सीएम बनी तो इसमें बीजेपी का सबसे बड़ा हाथ था।
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मायावती और भाजपा के बीच पुराने सियासी रिश्ते जगजाहिर है गेस्ट हाउस कांड के बाद पहली बार CM भाजपा के समर्थन से ही बनी और
दूसरी बार 1997 में भी भाजपा के समर्थन से CM बनीं थी। इसके बाद वह 2002 व 2007 में अपने दम पर CM बनीं थी। मायावती इस बार चुनावों में इतनी सक्रीय नहीं है जितने पहले रहा करती थी और इस वजह से सपा और कांग्रेस सवाल खड़े कर रही हैं।

बीजेपी यूपी में सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार है और अगर परिणाम के बाद बीजेपी को बहुमत वाला आंकड़ा नहीं मिलता है तो वह मायावती को सीएम बनने का ऑफर देकर अपनी सरकार बना सकती है। इस ऑफर में बीजेपी बड़े विभाग अपने पास रख सकती है और 4 डिप्टी सीएम तक बना सकती है। इससे पहले बिहार में बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटे जीती लेकिन इसके बाद भी कम सीट जीतने वाली जेडीयू के नितिश कुमार को सीएम बनाया था।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने तो यह तक कह दिया कि मायावती चुनावी मौहोल के बाद भी शांत है और इसका जवाब मायावती ने देते हुए कहा कांग्रेस वोट काटने वाली पार्टी और लोग अपना वोट खराब न करें। इस बार चुनावों में अगर मायावती अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है लेकिन इसके बाद वह सरकार बनाने में बीजेपी का साथ देती है तो इसका असर पूरे देश में देखने को मिलेगा। मायावती के इस प्लान का खुलासा तो 10 मार्च को परिणाम आने के बाद भी खुलेगा।





