यूपी चुनाव: परशुराम के बहाने ब्राह्मण वोटरों को रिझाने में लगे अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां जमकर जातीवाद के नाम पर वोट मांग रही है तो कोई धर्म के नाम पर डरा रहा है। इस बार यूपी चुनावों से सभी बड़े दल किसी से गठबंधन करने के बजाय अपने दम पर चुनाव लड़ रहे है और इसी वजह से यह चुनावा बहुत ही रोमांचक हो गया है। इस बार बीजेपी को हराने के लिए सभी दल हर प्रकार की रणनीति बना रहे है लेकिन इसके बाद भी बीजेपी का तोड़ उनके पास नहीं है।
राजनीति के जानकारों की माने तो इस बार ब्राह्मण वोट को बीजेपी से नाराज होना बताया जा रहा है और इसी वजह से सभी पार्टियों ब्राह्मण वोटरों को रिझाने में लगी हुई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र में लगाई गई भगवान परशुराम मूर्ति और 68 फीट उंचे फरसे का अनावरण किया है जो इसी बात का संकेत है कि वह भी ब्राह्मण वोटरों को रिझाने में लग गये है।
यूपी चुनाव: अखिलेश ने किया 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा
अखिलेश ने एक हाथ में फरसा तो दूसरे हाथ में चक्र को लेकर ब्राह्मण समाज से सपा को समर्थन करने का आग्रह किया। मूर्ति का अनावरण करने के बाद अखिलेश ने ब्राह्मण वोटरों को रिझाने के लिए ऐलान किया उनकी सरकार बनने पर परशुराम जयंती की छुट्टी दी जाएगी जिसे बीजेपी ने सरकार खत्म कर दिया है। यूपी का ब्राह्मण समाज आने वाले चुनावों सपा के पक्ष में वोट करेगा, क्योंकि बीजेपी ने ब्राह्मणों के साथ अन्याय किया है। सीएम योगी पर सबसे ज्यादा जातिवादी करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के घर पर तो बुल्डोजर चलते हैं, लेकिन अपनी जाति वाले माफियाओं पर कार्यवाही नहीं करते हैं।

यूपी की सियासत में ब्राह्मण वोटों हर चुनावा में निर्णायक साबित होते है और 2017 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण समुदाय ने बीजेपी की जीत में अहम रोल निभाया था। लेकिन योगी आदित्यनाथ को सीएम की कुर्सी मिलने के बाद ब्राह्मण वोटर नाराज होने की बात सामने आ रही है और इस बार बीजेपी भी उन्हें अपने साथ जोड़े रखने की कवायद में एक कमेटी गठित की है। ब्राह्मण वोटरों की नाराजगी दूर करके एक फिर उनके वोट से बीजेपी 300 पार पहुंचे।





