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क्राइम

साइबर ठगी से सावधान निवेश के नाम पर लाखों की लूट

प्रकाशित: Jul 11, 2026 17:50रिपोर्ट: Monika Rathore

राजस्थान में बढ़ते ऑनलाइन निवेश फ्रॉड को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आम लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी कर दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी अब प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनियों के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर लोगों को निवेश के नाम पर ठगी का शिकार बना रहे हैं। ठग Paytm Money और Nuvama AMC जैसी कंपनियों के नाम से फर्जी वॉट्सएप ग्रुप, नकली वेबसाइट और संदिग्ध मोबाइल ऐप तैयार कर लोगों को ज्यादा मुनाफे और गारंटीड रिटर्न का लालच देते हैं।

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विजय कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री स्टॉक एनालिसिस, स्पेशल इन्वेस्टमेंट ऑफर और कम समय में बड़ा लाभ देने वाले विज्ञापन चलाते हैं। इन विज्ञापनों में असली कंपनियों के लोगो, नाम और अधिकारियों की फर्जी जानकारी का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास हासिल किया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है, उसे संदिग्ध वेबसाइट पर भेजा जाता है या फर्जी वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया जाता है।

इन ग्रुप्स में ठग खुद को कंपनी का अधिकारी, शेयर मार्केट एक्सपर्ट या निवेश सलाहकार बताकर लोगों को शेयर बाजार और निवेश से जुड़ी फर्जी जानकारी देते हैं। इसके बाद पीड़ित को नकली ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया जाता है या फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। ये ऐप और वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली निवेश प्लेटफॉर्म जैसी लगती हैं, जिससे लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं।

पुलिस के मुताबिक ठग शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम निवेश करने के लिए दबाव बनाते हैं। जब पीड़ित लाखों रुपए जमा कर देता है तो साइबर अपराधी संपर्क बंद कर देते हैं और निवेश की गई रकम वापस नहीं मिल पाती। साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी निवेश ऑफर, गारंटीड रिटर्न या अनजान लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और प्रमाणिक जानकारी जरूर जांचें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं