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E20 फ्यूल से BS-III वाहनों को नुकसान? नितिन गडकरी बोले- बदलवाने पड़ सकते हैं रबर पार्ट और गैस्केट

E20 फ्यूल के इस्तेमाल से 2016 से पहले के BS-III वाहनों के रबर पार्ट और गैस्केट खराब हो सकते हैं, जिन्हें नियमित सर्विसिंग के दौरान बदला जा सकता है।

प्रकाशित: Jul 29, 2026 17:56रिपोर्ट: HarshitaNew Delhi, IndiaVerified

मुख्य बातें

  • BS-III वाहनों (2005-2016 के बीच निर्मित) में रबर पार्ट और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
  • यह अध्ययन IOCL, IIP, SIAM और ARAI द्वारा किया गया है।
  • BS-III के अलावा अन्य गाड़ियों के इंजन में किसी बदलाव की जरूरत नहीं है।

E20 फ्यूल के इस्तेमाल से 2016 से पहले के बीएस-3 (BS-III) वाहनों के कुछ रबर पार्ट और गैस्केट खराब हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में यह जानकारी दी।

राज्यसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि 1 अप्रैल 2005 से 2016 के बीच बने बीएस-3 वाहनों में फ्यूल के असर से कुछ पुर्जे बदलने की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, इसे वाहन की सामान्य सर्विसिंग के दौरान आसानी से ठीक किया जा सकता है।

क्या कहती है रिसर्च?

यह अध्ययन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), देहरादून के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (IIP), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ने मिलकर किया है। हालांकि, इस रिपोर्ट को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि बीएस-3 के अलावा अन्य गाड़ियों और दोपहिया वाहनों के इंजन में किसी तरह के बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है। पुरानी गाड़ियों में भी E20 फ्यूल के इस्तेमाल से प्रदर्शन में कोई खास गिरावट या असामान्य टूट-फूट नहीं देखी गई है। इसके अलावा मेटल और प्लास्टिक की कंपैटिबिलिटी, स्टार्टर और गाड़ी चलाने में किसी तरह की दिक्कत सामने नहीं आई है।

माइलेज और मेंटेनेंस पर सफाई

संसद में यह सवालCPI सांसद ए.ए. रहीम ने पूछा था। उन्होंने E20 फ्यूल का इंजन की ड्यूरेबिलिटी और मेंटेनेंस कॉस्ट पर पड़ने वाले असर को लेकर जानकारी मांगी थी।

गाड़ियों की माइलेज को लेकर गडकरी ने कहा कि ईंधन के प्रकार के अलावा कई अन्य फैक्टर भी इस पर असर डालते हैं। इनमें ड्राइविंग की आदतें, समय पर एयर फिल्टर और ऑयल बदलना, टायर प्रेशर, व्हील एलाइनमेंट और एसी का लोड शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालकों का दावा है कि एथेनॉल की नमी सोखने की प्रवृत्ति के कारण ईंधन दूषित हो रहा है, जिसे लेकर वाहन चालकों में लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

E20 फ्यूल से किन गाड़ियों को नुकसान हो सकता है?

E20 फ्यूल के इस्तेमाल से 1 अप्रैल 2005 के बाद और 2016 से पहले निर्मित BS-III वाहनों के कुछ रबर पार्ट और गैस्केट खराब हो सकते हैं, जिन्हें सर्विसिंग के दौरान बदला जा सकता है।

E20 फ्यूल पर कौन सा अध्ययन किया गया है?

यह अध्ययन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (देहरादून), सियाम (SIAM) और ARAI ने मिलकर किया है, जिसकी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

क्या BS-III के अलावा अन्य गाड़ियों के इंजन में बदलाव जरूरी है?

नहीं, BS-III वाहनों के अलावा अन्य किसी भी कार या दोपहिया वाहन के इंजन में बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है।

गाड़ियों के माइलेज को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, ड्राइविंग की आदतें, मेंटेनेंस प्रैक्टिस, टायर प्रेशर, व्हील एलाइनमेंट और एयर कंडीशनिंग का लोड माइलेज को प्रभावित करते हैं।