मुस्लिम लड़के के साथ भागी बेटी तो पिता ने करवा दिया पिंडदान, मृत्युभोज करके दिया ये संदेश
ये खबर आपको हैरान कर देगी परेशान कर देगी और सोचने पर मजबूर भी कर देगी की, आखिर कोई पिता अपनी जिंदा बेटी का शोक संदेश छपवाकर पिंडदान कैसे कर सकता है.लेकिन कोई मानसिकता बनाने से पहले आपको पिता की मजबूरी को भी समझना होगा की आखिर क्यों, उसने अपनी जिंदा बेटी को मरा हुआ मानकर अपने सारे रिश्ते तोड लिए.इस खबर को समझने के लिए आपको मध्यप्रदेश के जबलपुर लिए चलते है.
दरअसल ये पूरा मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर का है,जहां एक परिवार अपनी बेटी की शादी से इतना परेशान हुआ की उसे परिवार से बेदखल तो किया ही, साथ ही रिश्तेदारों में उसकी मौत की खबर सुनाकर पिंडदान भी कर दिया.परिवार ने बाकायदारिश्तेदारों को शोकपत्र भी बांटे और मृत्युभोज भी किया.अपने शोक संदेश में परिवार ने अनामिका को कुपुत्री बताते हुए लिखा- 'बड़े दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि श्री चन्द्रिका प्रसाद दुबे की कुपुत्री अनामिका दुबे का स्वर्गवास दिनांक 2 अप्रैल दिन रविवार को हो गया है। जिसकी आत्मा की शांति हेतु मृत्युभोज एवं पिंडदान दिनांक 11 जून दिन रविवार को होना निश्चित हुआ है।
चलिए अब आपको पूरी कहानी बताते है की आखिर अपनी ही बेटी से इतनी नफरत की वजह क्या है.दरअसल ये पूरा मामला शूरु होता है अनामिका और अयाज की प्रेम कहानी से.काफी समय से चल रहे इस प्रेम प्रसंग का खुलासा तब हुआ, जब अनामिका दुबे की शादी का कार्ड वायरल हो गया जिसमे निकाह का दिन 7 जून था.परिवार को कुछ समझ आता उससे पहले ही अनामिका दुबे ने मोहम्मद अयाज के साथ निकाह कर लिया और शादी के बाद धर्म परिवर्तन कर वह अनामिका दुबे से उजमा फातिमा बन गई.बेटी के इस कदम से दुखी परिवार ने अपनी बेटी को समझाने की लाख कोशिशें की लेकिन अनामिका दुबे उर्फ उजमा फातिमा समझने को तैयार नही थी...आखिर में वही हुआ जिसका जिक्र हम कर रहे है.
बेटी ने शादी का कार्ड वायरल किया तो परिवार ने बेटी को परिवार से बेदखल करते हुए बड़ा फैसला लिया और अपनी जीवित बेटी का पिंडदान कर दिया.... परिवार ने बाकायदा बेटी के निधन होने के शोक पत्र भी छपवाए और और मृत्युभोज का आयोजन भी कर दिया... हालांकि हिंदू धर्म में मौत के बाद पिंडदान और मृत्यु भोज किया जाता है लेकिन बेटी के इस कदम से आहत होकर परिजनों ने शोक संदेश छपवाया और नर्मदा तट पर अनामिका दुबे से उजमा फातिमा बनी युवती का पिंडदान और मृत्यु भोज का कार्यक्रम कर दिया जिसे अनामिका के भाई ने पूरा किया.
वही इस पूरे मामले में अनामिका के परिवार ने अयाज खान पर बहला फुसलाकर धर्मांतरण करने का आरोप लगाया है..परिवार ने एसपी कार्यालय पर हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग की है..परिवार का आरोप है कि इस शादी में रजिस्ट्रार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए..अनामिका के माता पिता ने अयाज खान और मैरिज रजिस्ट्रार पर आरोप लगाया है की कोर्ट मैरिज के पहले नोटिस तक नहीं भेजा गया..वहीं, कथित लव जिहाद के इस मामले में पुलिस ने मुस्लिम युवक को क्लीन चिट दे दी थी. डीएसपी तुषार सिंह के मुताबिक मुस्लिम युवक और हिंदू युवती की रजिस्टर्ड मैरिज आपसी सहमति से हुई. इसकी जानकारी दोनों के परिजनों को भी थी. विवाह के लिए किसी भी तरह दबाव नहीं बनाया गया था और युवक-युवती कई सालों से एक-दूसरे को प्रेम करते थे..
बहरहाल इस मामले में पुलिस की ओर से आपसी रजामंदी की बात कही जा रही है तो वही दूसरी और परिवार ने लव जिहाद और धर्मांतरण का आरोप लगाया है..लेकिन सोचने वाली बात ये है की क्या वाकई में एक युवती आधुनिकता के दौर में इतना समझदार हो जाती है की सालों का अनुभव रखने वाले पिता की रोक टोक उसे बोझिल लगने लगे..प्रेम विवाह को लेकर कई उदाहरण दिए जाते है लेकिन परिजनों की खुशी को ताक में रखकर भविष्य के सपने संजोना कितना सही है ये समझना जरुरी है..आप इतने भी बडे मत बन जाईए या परिवार को इतना भी दुखी मत करिए की उन्हे जिंदा पिंडदान करने की नौबत उठानी पड़े।





