जयपुर में कृषि और सिंचाई क्षेत्र के आंकड़ों पर सामने आए हालिया सरकारी ब्योरे के मुताबिक, भजनलाल शर्मा सरकार के शुरुआती 34 महीनों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान कल्याण से जुड़े कई मोर्चों पर पिछली कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल से अधिक काम हुआ है। नहरी तंत्र के विस्तार से लेकर खेतों की तारबंदी और सोलर पंप सेट लगाने तक के मामलों में यह अंतर साफ नजर आ रहा है।
किन क्षेत्रों में हुआ सबसे ज्यादा विस्तार?
सिंचाई सुविधाओं के मामले में आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान सरकार ने अपने 34 महीने के कार्यकाल में 1 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नहरी तंत्र से सिंचाई सुविधा पहुंचाई है। इसकी तुलना में पिछली कांग्रेस सरकार के पूरे पांच साल के कार्यकाल में 52 हजार 182 हेक्टेयर क्षेत्र ही इस दायरे में आ पाया था। इसके अलावा, पाइपलाइन अनुदान योजना के तहत अब तक 98 हजार 753 किसानों को फायदा मिला है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय यह संख्या 67 हजार 410 किसानों तक सीमित थी।
आधुनिक खेती और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों का दायरा भी बढ़ाया गया है। इन प्रणालियों के जरिए अब तक 3 लाख 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया है, जो पिछली सरकार के पांच साल के 1 लाख 83 हजार हेक्टेयर के आंकड़े से काफी आगे है। इस मद में दिए जाने वाले अनुदान की राशि भी बढ़कर 1 हजार 304 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
फसल सुरक्षा और जल संचयन के लिए क्या कदम उठे?
आवारा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए चलाई जा रही तारबंदी योजना के तहत पिछले 34 महीनों में 445 लाख मीटर लंबी तारबंदी कराई गई है। इसके लिए सरकार की ओर से 511 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है, जबकि पिछले कार्यकाल के पांच साल में यह राशि 113 करोड़ रुपये थी।
वर्षा जल संग्रहण के वास्ते फार्म पॉंड के निर्माण को लेकर भी किसानों को वित्तीय सहायता दी जा रही है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 35 हजार 893 फार्म पॉंड बनाए गए हैं और इस पर 369 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 67 हजार 408 सोलर पंप सेट स्थापित किए गए हैं, जो पिछले पूरे कार्यकाल के 63 हजार 140 के आंकड़े को पार कर चुके हैं।
पशु चिकित्सा सेवाओं में क्या बदलाव आए?
पशुपालन से जुड़ी प्राथमिकताओं को देखते हुए चिकित्सा ढांचे को मजबूत किया गया है। राज्यभर में 55 बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों का उच्चीकरण किया गया है, जबकि 117 चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालयों के रूप में क्रमोन्नत किया गया है। शेडनेट हाउस के निर्माण और संरक्षित खेती के लिए भी 45 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया गया है, जिसके तहत 10 लाख 91 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित किए गए हैं।





