जोधपुर में CJP के 'शिक्षा बचाओ' कार्यक्रम में हंगामा: ABVP-भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने फांदी दीवार, 10-11 डिटेन
जोधपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान में CJP के शिक्षा बचाओ संवाद कार्यक्रम के दौरान ABVP और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदकर प्रवेश किया और नारेबाजी की। झड़प के बाद पुलिस ने ABVP और भाजयुमो के 10-11 कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया है।
मुख्य बातें
- घटना जोधपुर के रेजिडेंसी रोड स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र की है।
- CJP के कार्यक्रम में ABVP और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदकर प्रवेश किया।
- पुलिस ने ABVP संयोजक ललित दाधीच और भाजयुमो प्रवक्ता राजवीर सिंह बांता समेत 10-11 लोगों को डिटेन किया।
- CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर सवाल उठाए।
जोधपुर के रेजिडेंसी रोड स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में रविवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'शिक्षा बचाओ, देश बचाओ' संवाद कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़े कार्यकर्ता परिसर की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हो गए और 'जय श्रीराम' के नारे लगाते हुए कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 से 11 कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया।
कैसे बिगड़ी स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
कार्यक्रम में CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान बाहर से पहुंचे युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और प्रदर्शन कर रहे युवाओं को रोकने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, CJP और विरोध करने पहुंचे कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के दौरान एक CJP कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने और उसके कपड़े फाड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, जोधपुर डीसीपी ईस्ट मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि गांधी शांति प्रतिष्ठान की चारदीवारी कूदकर परिसर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में ABVP के जोधपुर विभाग संयोजक ललित दाधीच और भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता राजवीर सिंह बांता सहित 10 से 11 लोगों को डिटेन किया गया है और मारपीट की औपचारिक शिकायत मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष रांका बोले- सरकार कोई भी हो, सुधरनी चाहिए शिक्षा व्यवस्था
हंगामे के बीच CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सेमिनार को संबोधित किया और देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। रांका ने कहा- "सरकार कोई भी हो, देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। वर्तमान सरकार के साथ पूर्ववर्ती सरकारों ने भी शिक्षा पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल और कॉलेज लगातार हाशिए पर जा रहे हैं, जबकि निजी शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, यदि सरकारी शिक्षण संस्थान कमजोर या बंद होते हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भुगतना पड़ेगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक उसकी पहुंच समाप्त हो जाएगी।
छात्र राजनीति और आयोजनों पर असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राजस्थान में छात्र राजनीति को लेकर गतिविधियां तेज हैं। जोधपुर के इस कार्यक्रम के बाद शास्त्री सर्किल गार्डन में प्रस्तावित CJP के छात्र संवाद कार्यक्रम को पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गांधी शांति प्रतिष्ठान और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
इससे पहले, दो दिन पहले ही जयपुर में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था, जहां स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं का विरोध हुआ था। जोधपुर में डिटेन किए गए युवाओं से पुलिस पूछताछ कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जोधपुर में CJP के कार्यक्रम में क्या हंगामा हुआ?
जोधपुर के गांधी शांति प्रतिष्ठान में CJP के 'शिक्षा बचाओ, देश बचाओ' संवाद कार्यक्रम के दौरान ABVP और भाजयुमो कार्यकर्ता दीवार फांदकर अंदर घुस आए और नारेबाजी करने लगे, जिससे दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
पुलिस ने इस मामले में किन नेताओं को हिरासत में लिया है?
पुलिस ने ABVP के जोधपुर विभाग संयोजक ललित दाधीच और भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता राजवीर सिंह बांता समेत 10 से 11 कार्यकर्ताओं को डिटेन किया है।
जोधपुर में इस हंगामे के बाद क्या प्रशासनिक कदम उठाए गए?
पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी और शास्त्री सर्किल गार्डन में CJP के अगले छात्र संवाद कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी।
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कहा?
आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार चाहे किसी की भी हो, सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बचाने की जरूरत है क्योंकि इसके कमजोर होने से समाज के अंतिम छोर के लोग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।





