ममता बनर्जी के बयान से कांग्रेस को लगी मिर्ची
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कांग्रेस के नेता जबरदस्त आग बबूला हुये बैठे और ममता पर कांग्रेस को कमजोर होने का आरोप लगा रह थे। लेकिन हाल ही में ममता बनर्जी ने मुंबई दौरे के दौरान ममता ने कहा कि अब कोई यूपीए नहीं है। मौजूदा समय में बीजेपी से कुछ दल ही लड़ रहे है। कुछ ऐसी पार्टियां हैं जो कुछ नहीं करते और उनके लोग आधे से ज्यादा समय तो विदेश में गुजारते हैं।
ममता का बयानममता ने मुंबई दौरे के दौरान कहा है कि बीजेपी के खिलाफ तभी लड़ा जा सकता है जब पार्टियां लड़ने को तैयार हों। ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के अस्तिव को लेकर कहा कि वह अब नहीं है। ममता के बयान के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि यूपीए का नेता सोनिया गांधी नहीं है तो कौन होगा। ममता बनर्जी अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहती है और वह आने वाले समय कांग्रेस के लिये परेशानी खड़ी करेगी।
कांग्रेस का आरोपयूपीए पर दिए बयान के बाद कांग्रेस के नेता आग बबूला हो गये है और ममता पर जमकर हमला बोल रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी और दिग्विजय सिंह ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा है। ममता बनर्जी को भाजपा से मिला हुआ तक बता दिया है। ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे के दौरान सोनिया गांधी के अलावा दूसरे दलों के नेताओं से मिली थी इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किये थे।
ममता ने 2012 में यूपीए से समर्थन वापस ले लिया था वह यूपीए को तोड़ना चाहित थी। उन्होंने एक बार फिर मोदी का सहारा लेकर यूपीए को तोड़ना चाहती है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष को एक होकर लड़ना चाहिए। भाजपा का मुकाबला करने के लिए हम सभी को एक होना होगा।
ममता का बयानममता ने मुंबई दौरे के दौरान कहा है कि बीजेपी के खिलाफ तभी लड़ा जा सकता है जब पार्टियां लड़ने को तैयार हों। ममता ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के अस्तिव को लेकर कहा कि वह अब नहीं है। ममता के बयान के बाद सवाल खड़े हो रहे हैं कि यूपीए का नेता सोनिया गांधी नहीं है तो कौन होगा। ममता बनर्जी अपनी पार्टी का विस्तार करना चाहती है और वह आने वाले समय कांग्रेस के लिये परेशानी खड़ी करेगी।
कांग्रेस का आरोपयूपीए पर दिए बयान के बाद कांग्रेस के नेता आग बबूला हो गये है और ममता पर जमकर हमला बोल रहे हैं। अधीर रंजन चौधरी और दिग्विजय सिंह ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा है। ममता बनर्जी को भाजपा से मिला हुआ तक बता दिया है। ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे के दौरान सोनिया गांधी के अलावा दूसरे दलों के नेताओं से मिली थी इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किये थे।

ममता ने 2012 में यूपीए से समर्थन वापस ले लिया था वह यूपीए को तोड़ना चाहित थी। उन्होंने एक बार फिर मोदी का सहारा लेकर यूपीए को तोड़ना चाहती है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष को एक होकर लड़ना चाहिए। भाजपा का मुकाबला करने के लिए हम सभी को एक होना होगा।





