थर्ड फ्रंट के साथ अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटी ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिन दौरे के लिए मुंबई जा रही हैं और इस दौरान वो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार से भी मुलाकात कर सकती है। ममता पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस को छोड़कर अन्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मुलाकत कर रही है। ममता के इस दौरे को लेकर राजनीति के जानकारों ने फिर से थर्ड फ्रंट को लेकर चर्चा तेज कर दी है। ममता बनर्जी आज शाम पांच बजे मुंबई एयरपोर्ट पहुंचेगी और सिद्धिविनायक मंदिर दर्शन करने के बाद शिवसेना सांसद संजय राऊत की बेटी की शादी समारोह में शामिल हो सकती है।
ममता शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात कर सकती लेकिन उनके खराब स्वास्थ्य के कारणों के चलते यह मुलाकत टल सकती है। कल ममता बनर्जी एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के साथ भी मुलाकात करेगी। इस मुलाकत को लेकर अभी तक किसी ने कुछ नहीं कहा है लेकिन इस मुलाकत से कुछ नया जरूर देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस से बनाई दूरीममता बनर्जी मुंबई में किसी भी कांग्रेस के नेता के साथ मुलाकात नहीं करेंगी और इस बात से पता चलता है कि वह कांग्रेस से दूरी बना रही है। पिछले दिनों कांग्रेस के बड़े नेताओं ने ममता की पार्टी टीएमसी का दामन थामा है। ममता को इस बात का पता है कि कांग्रेस विपक्ष में होने के बाद भी बीजेपी से मुकाबला नहीं कर पा रही है तो थर्ड फ्रंट ही बीजेपी से मुकाबला कर सकता है।

बंगाल से बाहर अपना वजूद बनानाममता बनर्जी अपनी पार्टी का वजूद बंगाल से बाहर ले जाने का प्रयास कर रही है और इसी वजह से वह कांग्रेस के बड़े नेताओं को पार्टी में शामिल किया है। इन नेताओं के भरोसे ही वह अपनी पार्टी को दूसरे राज्यों में मजबूत करने की तैयारी में है।
ममता शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से भी मुलाकात कर सकती लेकिन उनके खराब स्वास्थ्य के कारणों के चलते यह मुलाकत टल सकती है। कल ममता बनर्जी एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के साथ भी मुलाकात करेगी। इस मुलाकत को लेकर अभी तक किसी ने कुछ नहीं कहा है लेकिन इस मुलाकत से कुछ नया जरूर देखने को मिल सकता है।
कांग्रेस से बनाई दूरीममता बनर्जी मुंबई में किसी भी कांग्रेस के नेता के साथ मुलाकात नहीं करेंगी और इस बात से पता चलता है कि वह कांग्रेस से दूरी बना रही है। पिछले दिनों कांग्रेस के बड़े नेताओं ने ममता की पार्टी टीएमसी का दामन थामा है। ममता को इस बात का पता है कि कांग्रेस विपक्ष में होने के बाद भी बीजेपी से मुकाबला नहीं कर पा रही है तो थर्ड फ्रंट ही बीजेपी से मुकाबला कर सकता है।

बंगाल से बाहर अपना वजूद बनानाममता बनर्जी अपनी पार्टी का वजूद बंगाल से बाहर ले जाने का प्रयास कर रही है और इसी वजह से वह कांग्रेस के बड़े नेताओं को पार्टी में शामिल किया है। इन नेताओं के भरोसे ही वह अपनी पार्टी को दूसरे राज्यों में मजबूत करने की तैयारी में है।





