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टोंक निकाय चुनाव: डारड़ा हिंद गांव में वार्ड-2 के सभी 4 प्रत्याशियों ने वापस लिए नामांकन, मुकाबला खत्म

टोंक नगर परिषद चुनाव के दौरान डारड़ा हिंद गांव के वार्ड-2 से सभी चारों प्रत्याशियों ने नामांकन वापस ले लिया है। गांव को नगर परिषद में शामिल किए जाने और परिसीमन के विरोध में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था, जिसके बाद यह स्थिति बनी। अब इस वार्ड में चुनाव नहीं होगा और 59 वार्डों पर मतदान होगा।

प्रकाशित: Sep 04, 2026 19:33रिपोर्ट: HarshitaTonk, RajasthanVerified

मुख्य बातें

  • टोंक के डारड़ा हिंद गांव के वार्ड-2 से सभी 4 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए।
  • नामांकन वापस लेने वालों में भाजपा प्रत्याशी सुनिता और निर्दलीय गायत्री, विमला व सुमन शामिल हैं।
  • गांव को नगर परिषद में शामिल करने और परिसीमन का विरोध कर रहे थे ग्रामीण।
  • अब टोंक नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों में ही होगा मतदान।

टोंक नगर परिषद चुनाव के बीच डारड़ा हिंद गांव में ग्रामीणों का विरोध रंग लाया है। वार्ड-2 से नामांकन दाखिल करने वाले चारों प्रत्याशियों ने गुरुवार को अपने नाम वापस ले लिए, जिससे इस वार्ड में चुनावी मुकाबला पूरी तरह समाप्त हो गया है। इसके साथ ही अब टोंक के 60 में से 59 वार्डों में ही मतदान होगा।

गुरुवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी सुनिता के साथ-साथ तीन निर्दलीय प्रत्याशियों गायत्री चौधरी, विमला और सुमन ने अपने पर्चे वापस ले लिए। इस निकाय चुनाव में कांग्रेस ने इस सीट पर पहले ही अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था। चारों उम्मीदवारों के मैदान से हटने के बाद अब वार्ड-2 में कोई भी प्रत्याशी शेष नहीं बचा है, जिस वजह से इस वार्ड में चुनाव प्रक्रिया रद्द हो गई है।

परिसीमन और नगर परिषद में शामिल करने का विरोध

ग्रामीणों का यह विरोध डारड़ा हिंद को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने और परिसीमन की प्रक्रिया के खिलाफ है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि उनका गांव पूरी तरह कृषि प्रधान है और यहाँ की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। ग्राम पंचायत मुख्यालय को ग्रामीण क्षेत्र में ही रखने की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे थे।

आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि नगर परिषद के दायरे में आने से ग्रामीण विकास योजनाओं और स्थानीय सुविधाओं पर असर पड़ेगा। करीब 40 प्रतिशत आबादी के भूमिहीन होने का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी चिंताएं रखी थीं, जिसके बाद विरोध का यह फैसला लिया गया।

महापंचायत में हुआ था चुनाव बहिष्कार का ऐलान

इससे पहले ग्राम संघर्ष समिति के बैनर तले हुई महापंचायत में ग्रामीणों ने मतदान का पूर्ण बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। इस पंचायत में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने एक सुर में चुनाव से दूरी बनाने की बात कही थी और किसी भी स्थानीय व्यक्ति को मैदान में नहीं उतरने का संकल्प लिया था।

ग्रामीणों के इस कड़े रुख के बाद जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टीना डाबी, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और तहसीलदार ने गांव का दौरा किया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से लंबी बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और सड़क समेत अन्य बुनियादी मुद्दों का प्राथमिकता से समाधान कराने का भरोसा भी दिलाया था। हालांकि, परिसीमन के मुद्दे पर ग्रामीणों की नाराजगी बरकरार रही, जिसके परिणामस्वरूप नामांकन वापसी के अंतिम दिन सभी उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

टोंक के डारड़ा हिंद गांव में चुनाव क्यों रद्द हुआ?

डारड़ा हिंद गांव के वार्ड-2 से चुनाव लड़ रहे सभी चारों प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, जिससे इस वार्ड में मुकाबला खत्म हो गया है।

किन प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस लिए?

गुरुवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन भाजपा प्रत्याशी सुनिता और तीन निर्दलीय प्रत्याशियों गायत्री चौधरी, विमला और सुमन ने अपने नाम वापस ले लिए।

ग्रामीण किस बात का विरोध कर रहे थे?

ग्रामीण डारड़ा हिंद गांव को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने और परिसीमन प्रक्रिया का विरोध कर रहे थे।

अब टोंक नगर परिषद में कितने वार्डों पर मतदान होगा?

वार्ड-2 में चुनाव खत्म होने के बाद अब टोंक नगर परिषद के 60 में से शेष 59 वार्डों पर ही मतदान कराया जाएगा।