निर्भया गैंगरेप: फांसी से पहले होता है ये काम

कल निर्भया को इंसाफ मिल जाएगा। आखिरकार दोषियों के बचने के सारे रास्ते खत्म हो गये व मौत का दिन भी आ गया। सच की जीत हुई और झूठ की हार । कल कैदियों को फांसी दी जाएगी और उससे पहले काफी कुछ होगा।

कल निर्भया को इंसाफ मिल जाएगा। आखिरकार दोषियों के बचने के सारे रास्ते खत्म हो गये व मौत का दिन भी आ गया। सच की जीत हुई और झूठ की हार । कल कैदियों को फांसी दी जाएगी और उससे पहले काफी कुछ होगा।

इस तरह होगी फांसी

निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस के चारों दोषियों को कल सुबह पांच बजे तिहाड़ जेल में फांसी की सजा दी जाएगी। दोषियों को फांसी की सजा देने से पहले चारों को सेल में नहलाया जाएगा। फांसी घर ले जाने से पहले दोषियों के हाथों में हथकड़ी डाली जाएगी। दो सिपाही पकड़ कर ले जाएंगे। पवन जल्लाद ने बताया कि फांसी देते समय 4-5 सिपाही वहां मौजूद रहेंगे। दोषियों को खड़ा करने की जगह गोल निशान बनाया होगा। जिसमें कैदी के पैर होंगे। सिपाही दोषियों को फांसी के तख्ते पर खड़ा किया जाएगा। दोषियों को किसी भी तरह की परेशान ना हो या फिर किसी भी तरह का ड्रामा ना करे इसलिए ही बस इशारो से ही काम किया जाएगा। इतना ही नहीं जेल अधीक्षक, डिप्टी जेलर, डॉक्टर भी मौजूद होंगे।

इशारे से होती है बातें

फांसी देने से पहले दस से पंद्रह मिनट पहले पैर भी बांध दिये जाएंगे। सिर पर टोपी डाल दी जाती है। सिर में फंदे को कसने के लिए कैदी के चारों तरफ घूमा जाता है। ये सब पूरा होने के बाद लीवर के पास पहुंच जाते है और जेल अधीक्षक को अंगूठा दिखाकर इशारे से कहा जाता है कि काम पूरा हो गया है। इशारा मिलते ही लीवर खींचने की तैयारी होती है। लीवर खींचते ही कैदी कुएं में टंग जाता है। इसके बाद वहां मौजूद डॉक्टर दोषियों के पास जाकर उनकी हार्ट बीट चैक करते है। डॉक्टर के इशारे के बाद सिपाही कैदी की बॉडी को फंदे से नीचे उतार लेते है। चादर को बॉडी पर डाल दिया जाता है।

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