पाकिस्तान फाइटर जेट को तबाह करने वाले 'अभिनंदन', को मिला वीर चक्र
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय सेना में अपनी वीरता देश का नाम रोशन करने वाले नायकों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। 14 फरवरी 2019 को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पुलवामा हमला किया जिसमें भारतीय सेना के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसका बदला लेने के लिए वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक करके 300 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतारा था। 27 फरवरी, 2019 का दिन सभी भारतीय को याद है इस दिन ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमान को हवाई युद्ध में मार गिराया था लेकिन इस दौरान उनका विमान पाकिस्तान की सीमा में क्रैश हो गया था।
जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया लेकिन भारत के दबाव में पाकिस्तान को अभिनंदन को छोड़ना पड़ा था। बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय अभिनंदन वायुसेना में विंग कमांडर थे लेकिन उनके साहस और वीरता को देखकर उन्हें ग्रुप कैप्टन बना दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को भी मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी उनकी मां को दिया गया। सैपर प्रकाश जाधव को मरणोपरांत दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से नवाजा गया।जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान शहीद नायब सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। जब यह सम्मान दिया गया तो पूरा हाल तालियों की गडगडाट से गूंज उठा।
जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया लेकिन भारत के दबाव में पाकिस्तान को अभिनंदन को छोड़ना पड़ा था। बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय अभिनंदन वायुसेना में विंग कमांडर थे लेकिन उनके साहस और वीरता को देखकर उन्हें ग्रुप कैप्टन बना दिया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा ग्रुप कैप्टन अभिनंदन को वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल को भी मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी उनकी मां को दिया गया। सैपर प्रकाश जाधव को मरणोपरांत दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से नवाजा गया।जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान शहीद नायब सूबेदार सोमबीर को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। जब यह सम्मान दिया गया तो पूरा हाल तालियों की गडगडाट से गूंज उठा।





