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गहलोत गुट के विधायकों ने बदला पाला, पायलट पहुंचे दिल्ली तो जल्द होगा बड़ा एक्शन

प्रकाशित: Sep 27, 2022 23:47रिपोर्ट: Navtej TV

राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर मचे घमासान पर कांग्रेस आलाकमान की सख्ती का असर दिखने लगा है। इंदिरा मीणा[ जितेंद्र सिंह और मदन प्रजापति के बाद अब अशोक गहलोत समर्थक चौथे विधायक संदीप यादव ने भी पलटी मार दी है। ये विधायक अब सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने का राग अलापने लगे हैं। बता दें कि चारों ही विधायक रविवार की शाम गहलोत के वफादार मंत्री शांति धारीवाल के घर हुई बैठक में शामिल थे।

मंगलवार सुबह ही गहलोत खेमे के विधायक संदीप यादव ने एक वीडियो मैसेज जारी कर कहाए श्श्मैं कांग्रेस हाईकमान के साथ हूं। उनका हर फैसला मुझे मंजूर है।श्श् वहींए मदन प्रजापति ने भी अपना रुख बदलते हुए सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने पर एतराज नहीं होने की बात कह डाली।इससे पहले गहलोत खेमे की विधायक इंदिरा मीणा ने कहा था कि हमें पहले मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया था। मगर बाद में कहा गया कि शांति धारीवाल के घर आओ। वहां जाने पर एक कागज पर साइन करा लिया और वो हमने पढ़ा नहीं। हमारा सचिन पायलट से कोई विरोध नहीं है। वह सीएम बनते हैं तो हमारे लिए अच्छा रहेगा।

Delhi आलाकमान की पहुँच से बाहर Rajasthan,Gehlot के आगे सब पस्त
वहींए शांति धारीवाल के घर इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक जितेंद्र सिंह ने कहा थाए इस्तीफे का काम गलत है। मैं आलाकमान के साथ हूंए चाहे जिसे मुख्यमंत्री बनाए मैं साथ दूँगा। जितेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें विधायक दल की बैठक के लिए मुख्यमंत्री निवास बुलाया गया था। जहां से फोन कर धारीवाल के बंगले पर बुला लिया गया।


बात दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगेए इसलिए उनका उत्तराधिकारी चुने जाने की चर्चा है।कांग्रेस आलाकमान सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद पर बैठाना चाह रहा हैए लेकिन गहलोत खेमे के विधायक पायलट की अगुवाई में काम करने के लिए तैयार नहीं हैं। राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 108 विधायक हैं। पार्टी को 13 निर्दलीयों का भी समर्थन प्राप्त है। अब आला कमान की सख्ती के बाद विधायकों के सुर बदलने लगे है। अब देखना ये होगा की इन बदले सुरों के बाद राजस्थान में ब्ड कौन बनता है।