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उत्तर प्रदेश

इस मामले में बीजेपी का पलड़ा भारी, गठबंधन नहीं होने के बाद भी प्रियंका ने दिया अखिलेश यादव का साथ

प्रकाशित: Jan 11, 2022 19:13रिपोर्ट: Navtej TV

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ अन्य 4 राज्यों में होने वाले चुनावों की तिथियों का ऐलान हो चुका है। कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार भारतीय चुनाव आयोग ने कई प्रकार की पांबदियों के साथ रैलियों पर रोक लगा दी है। चुनावों को लेकर सभी दलों ने खुशी जताई है लेकिन आयोग के एक फैसले पर सभी विपक्षी दलों ने आपत्ति जताते हुए इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

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यूपी में इस बार कांग्रेस और सपा का गठबंधन नहीं है लेकिन इसके बाद भी प्रियंका ने अखिलेश का साथ देते हुए कहा है कि बीजेपी का डिजिटल प्लेटफार्म बहुत ही मजबूत है जो उसको चुनावों में बड़ा फायदा पहुंचा सकता है।

चुनाव आयोग ने कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए 15 जनवरी तक रैली, रोड शो या नुक्कड़ सभा पर रोक लगाने के साथ सभी दलों को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल रैलियों और डिजिटल प्रचार पर फोकस करने की सलाह दी है। इस बात को लेकर विपक्षी दलों को डर लगने लगा है कि डिजिटल प्लेटफार्म पर बीजेपी से वह मुकाबल नहीं कर पाएंगे। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भारतीय जनता पार्टी इतनी मजबूत है कि उसके आगे क्षेत्रीय दल बहुत कमजोर है।

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अखिलेश के इस बयान के बाद कांग्रेस को फिर से यूपी में जिंदा करने का संकल्प लेकर चुनावी मैदान में उतरी प्रियंका गांधी का साथ मिला। प्रियंका ने कहा कि बीजेपी का डिजिटल प्लेटफार्म पर कोई मुकाबला नहीं कर सकता है और इसका सबसे ज्यादा लाभ बीजेपी को ही मिलेगा। बीजेपी ने बहुत पहले से ही डिजिटल प्लेटफार्म को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया था और इसी वजह से विपक्षी दलों को चिंता होने लगी है। अगर कोरोना का खतरा इसी तरह बढ़ता रहा तो आयोग 15 जनवरी के बाद रैलियों पर पांबदी लगा सकता है और डिजिटल प्लेटफॉर्म का ज्यादा इस्तेमाल करने के सलाह देगा।


योगी आदित्यनाथ के लगभग 1.65 करोड़ फॉलोअर्स और कुल ट्वीट 13 हजार से ज्यादा है।

अखिलेश यादव के लगभग 1.50 करोड़ फॉलोअर्स और कुल ट्वीट 5 हजार है।

प्रियंका गांधी के लगभग 44 लाख फॉलोअर्स और कुल ट्वीट 2 हजार है।

मायावतीके लगभग 23 लाख फॉलोअर्स और कुल ट्वीट 1 हजार है।