कांग्रेस के नए अध्यक्ष की रेस में सीएम गहलोत सबसे आगे, जल्द होगा एलान!
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इन दिनों अपना वजूद बचाने में जूटी हुई है और हाल इस कदर हो चुके है कि पार्टी अपना राष्ट्रिय अध्यक्ष तक नहीं चुन पा रही है। लेकिन कांग्रेस को जल्द ही नया अध्यक्ष मिलने वाला है और इस लिस्ट में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का नाम सबसे आगे है। सीएम गहलोत कांग्रेस को फिर से जिवित करने का काम कर सकते हैं क्योंकि उनको राजनीति का जादूगर कहा जाता है और कई बार उन्होंने अपनी जादुगरी से अपने विरोधियों की सिटी बिटटी गुल करके दिखाई है।
75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले दिखा देशभक्ति अद्भुत नजारा!
राजनीति के जानकारों की माने तो बीजेपी हमेशा से ही कांग्रेस को वंशवाद वाली पार्टी कहती है और इसी वजह से कांग्रेस गैर गांधी परिवार से अध्यक्ष बनाने का फैसला करेगी। अगर ऐसा वह करती है तो बीजेपी के पास वंशवाद के आरोप लगाने का मौका नहीं होगा और कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिलेगा। कांग्रेस के कई नेता भी यही चाहते है कि इस बार अध्यक्ष गांधी परिवार के बाहर का होना चाहिए जिससे कांग्रेस पर वंशवाद का आरोप नहीं लगेगा।
अध्यक्ष के लिए कांग्रेस के सभी नेता राहुल गांधी का नाम आगे कर रहे है तो कुछ लोग प्रियंका गांधी का नाम ले रहे हैं। लेकिन राहुल गंाधी ने पहले ही कह दिया है कि वह अध्यक्ष नहीं बनेंगे तो इस बार अध्यक्ष गैर गांधी होगा और उसमें सबसे जिस नेता का नाम चल रहा है वह सीएम गहलोत है। सीएम गहलोत के पास राजनीति का इतना शानदार अनुभव है कि विपक्ष भी उनके आगे हथियार डाल देता है और अध्यक्ष पद के लिए गहलोत से अच्छा नेता दूसरा कोई नहीं हो सकता।
राहुल गांधी एक तीर से दो निशाने साधने की तैयारी में लगे हुए है क्योंकि उनको इस बात का पता है कि राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस पायलट और गहलोत गुट में बटी हुई है और 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले ऐसे फैसले लेने होंगे जिससे पार्टी मजबुत होने के साथ दोनों नेताओं को बराबर सम्मान मिले।
गहलोत सीएम पद आसानी से नहीं छोड़ने वाले है और पायलट भी हार नहीं मानने वाले है। इसी वजह से गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रिय अध्यक्ष बनाकर उन्हें दिल्ली बुलाया जा सकता है और पायलट को राजस्थान की कमान सौंपी जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस देश को अच्दा संदेश देगी और युवा नेता पायलट को मौका देकर बीजेपी को करारा जवाब देगी।

लेकिन यह सब कयास है क्योंकि गहलोत को राजनीति का जादूगर कहा जाता है और कांग्रेस को मौजूदा हालात में ऐसे ही किसी जादूरगी की जरूरत है जो कांग्रेस को फिर से जिंदा कर दें। क्योंकि पीएम मोदी से टक्कर लेना आसान काम नहीं है और इसके लिए कांग्रेस को ऐसे अध्यक्ष की तलाश है जो बीजेपी की हर रणनीति को फेल कर दे और ऐसे में गहलोत का नाम सबसे आगे आता है।

