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मुगलों के अंतिम निशान मिटाने के लिए सीएम योगी ने बनाया ये बड़ा प्लान

प्रकाशित: Apr 05, 2022 18:59रिपोर्ट: Navtej TV

यूपी में एक बार फिर योगी सरकार आने से जहां अपराधियों में उथल-पुथल मची है वहीं एक बार फिर शहरों के नाम बदलने की चर्चाएं जोरों पर है, जहां पिछले शासनकाल में योगी ने कई शहरों के नाम बदले वहीं अब 12 जिले और ऐसे है जिसके नाम बदल जाएंगे।अब अलीगढ़, फर्रुखाबाद, सुल्तानपुर, बदायूं, फिरोजाबाद और शाहजहांपुर के नाम बदलने की तैयारी है, देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

गोरखपुर का सांसद रहते हुए भी योगी ने कई इलाकों के नामों का बदला था, इसमें उर्दू बाजार को हिंदी बाजार, हुमायूंपुर को हनुमान नगर, मीना बाजार को माया बाजार और अलीनगर को आर्य नगर कर दिया गया था। वहीं अब दूसरी बार योगी के सत्ता में आने के बाद 6 जिले लगभग ऐसे है जिनके नाम बदलने की मुहर लग चुकी है, और इन्हें आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की तैयारी है। अलीगढ़ की अगर बात करे तो 2015 में ही विश्व हिंदू परिषद ने इसका नाम बदलने की मांग उठाई थी।

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यहां तक की बीजेपी और समर्थक संगठन अलीगढ़ को हरिगढ़ कहना भी शुरू कर चुके हैं। इसका नाम हरिगढ़ या फिर आर्यगढ़ रखने की तैयारी है। वही फर्रुखाबाद जिले के सांसद मुकेश राजपूत फर्रुखाबाद का नाम बदलकर पांचाल नगर करने को लेकर सीएम योगी को पत्र लिख चुके है। सुल्तानपुर जिले की लंभुआ सीट से विधायक देवमणि द्विवेदी भी जिले का नाम बदलकर 'कुशभवनपुर' करने का प्रस्ताव सरकार को भेज चुके हैं।

बदायूं का नाम नाम बदलने वाले शहरों की लिस्ट में बताया जा रहा है, बदायूं का प्राचीन नाम वेद मऊ था। फिरोजाबाद की जिला पंचायत ने भी बैठक कर जिले का नया नाम चंद्र नगर रखने का प्रस्ताव पारित किया था। शाहजहांपुर से विधायक रहे मानवेंद्र सिंह ने जिले का नाम बदलकर 'शाजीपुर' रखने का सुझाव दिया है।


वहीं मैनपुरी में भी जिला पंचायत ने बैठक कर जिले का नाम मयान पुरी करने की मांग की थी। इसी तरह संभल जिले का नाम कल्कि नगर या फिर पृथ्वीराज नगर करने की मांग उठ रही है। देवबंद का नाम देववृंदपुर करने की मांग की गई है तो गाजीपुर नाम बदलकर गढ़ीपुरी करने की मांग की जा रही हैं। कानपुर की अगर बात करे तो कानपुर देहात के रसूलाबाद और सिकंदराबाद और अकबरपुर रनियां में नामों को लेकर प्रस्ताव बनाने को लेकर प्रशासन को निर्देश मिले हैं। वहीं आगरा अंबेडकर यूनिवर्सिटी में आगरा की जगह अग्रवन जिले का नए नाम के पक्ष में साक्ष्य जुटाने का काम चल रहा है।इतिहास के पन्नों से कहीं ना कहीं मुगलों की हुकूमत के नामों को मिटाने की तैयारी की जा रही है, पूर्ण बहुमत के सत्ता में आई योगी सरकार बड़े बदलावों की तैयारी में है।