कांग्रेस अध्यक्ष के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, शशि थरूर और अशोक गहलोत से होगी राहुल गांधी की टक्कर
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव इन दिनों महाभारत के युद्व से कम नहीं है क्योंकि यह ऐसा चुनाव है जिसे कांग्रेस का भविष्य तय होगा। इसके लिए गांधी परिवार ने बहुत बड़ा फैसला लिया है क्योंकि वंशवाद का आरोप से बचने के लिए उसने ऐसा कदम उठाया है लेकिन यह कदम अब उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है।
चुनावों से पहले लग रहा था कि राजस्थान की सीएम अशोक गहलोत ही चुनाव लड़ेंगे और उनका अध्यक्ष बनना तय था। लेकिन समय के साथ चुनाव निर्णायक मोड़ पर जा खड़े हुए है क्योंकि इस युद्व से बाहर निकालने के लिए कांग्रेस को महाभारत जैसे अभिमन्यु की जरूरत है जो इस चुनावी च्रक को तोड़ कर अध्यक्ष बन सके।
कांग्रेस इस समय सीनियर और जुनियर नेताओं की जंग में फंसी हुई क्योंकि सीनियर नेता गैर कांग्रेसी को अध्यक्ष बनाने की बात कह रहे है तो जुनियर नेता राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनाने की बात कहते है। लेकिन इस बीच जी-.23 नेताओं में शामिल रहे शशि थरूर ने भी अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए है जो कांग्रेस के लिए परेशानी बन सकता है।
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थरूर ने चुनावों की प्रकिया को लेकर भी सवाल खड़े किए थे और इसके बाद कांग्रेस चुनाव अधिकारी बने नेताओं ने इसका जवाब दिया था। थरूर के ताल ठोकने से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की परेशनी बढ़ गई है क्योंकि गहलोत राहुल को अध्यक्ष बनाने का दावा करते है।
थरूरने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है लेकिन उनके बयानों से लग रहा है कि वह चुनावी जंग में कुदने के लिए पूरी तरह से तैयार है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस गहलोत को अध्यक्ष बनाने की तैयारी कर रही है तो गहलोत राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की चाल चल रहे है। यह चुनाव त्रिकोणीय हो चुका है और अब यह देखना दिलचस्प होगा की इसमें किसको जीत मिलती है और किसे हार मिलती है। कांग्रेस को इस समय अच्दे लिडिर की जरूरत जो पार्टी को फिर से जिंदा कर सके।
अगर तीनों नेता चुनाव में उतरते है तो चुनाव का नतीजा बहुत ही मजेदार होगा। क्योंकि कांग्रेस के नेता आपसे में ही बटे हुए है और एक दूसरे की खिचाई करने में लगे है। ऐसे में यह देखना भी दिलचस्प होगा की सोनिया किसी उम्मीदवार का समर्थन करेंगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा जो भी चुनाव लड़ना चाहता है वह स्वतंत्र है और उसका स्वागत है।

नवतेज टीवी भी इस चुनाव प्रकिया पर अपनी नजरे टिकाए बैठे है और राजनीति विशेषज्ञों की माने तो सीएम गहलोत को अध्यक्ष बनाया जाएगा लेकिन वे कार्यकारी अध्यक्ष होंगे वास्तवीक अध्यक्ष सोनिया गांधी ही रहेगी। सीएम गहलोत को राजनीति का जादुगर कहा जाता है और उनके जादू का इस्तेमाल कांग्रेस पूरे देश में देखना चाहती है तो वहीं पायलट को राजस्थान में सीएम बनने का मौका दे सकती है।
24 सितंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है जो 30 सितंबर तक चलेगी। नवरात्री में सीएम गहलोत अपना नामांकन दाखिल कर सकते है और इसके बाद अन्य उम्मीदवारों के बारे में पता चलेगा। इसके बाद 17 अक्टूबर को अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा और 19 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव कांग्रेस का भविष्य ही नहीं 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजे भी तय करेंगे।





