जनवरी में ओमिक्रॉन की तीसरी लहर से बच्चों पर बरपेगा कहर!
कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन नए साल के पहले ही महीन में दुनिया के सभी देशों में कोहराम मचाने की तैयारी में है। इस वायरस के खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य सगंठन ने पहले ही चेतावनी जारी करके कहा था कि यह वायरस बहुत तेज गति से फैलता है और इसका परिणाम यह है कि महज एक महीने के अंदर ये वायरस 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। वहीं बात करे भारत की तो लगभग 300 से ज्यादा मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार और ज्यादा अलर्ट हो गयी है। कई वैज्ञानिकों ने तो इस बात की घोषणा करते हुए कहा कि कोरोना की तीसरी लहर ओमिक्रॉन के कारण आएगी और इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होगा।
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ओमिक्रॉन के मामले सबसे ज्यादा अफ्रीका, अमेरिका और ब्रिटेन में देखने को मिले है लेकिन इन मामलों में बच्चों की संख्या ज्यादा होने से चिंता ज्यादा हो रही है। ओमिक्रॉन आने के बाद बच्चों में संक्रमण की दर बहुत तेजी से बढ़ रही है लेकिन इसका सबसे ज्यादा प्रभाव 5 से 8 साल के बच्चों पर पड़ा है।
डॉक्टरों ने इस बात का दावा किया है कि ओमिक्रॉन का असर 5 साल से कम उम्र के बच्चों के हॉस्पिटलाइजेशन रेट में भारी इजाफा हुआा है। जिन बच्चों के माता-पिता को वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी है उन बच्चों को ज्यादा है। भारत में अभी तक 40 फीसदी आबादी को अभी तक कोरोना की एक भी डोज नहीं लगी है तो ऐसे में ओमिक्रॉन का खतरा बच्चों पर ज्यादा हो सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि ओमिक्रॉन जैसे खतरों को टालने के लिए बच्चों के लिए वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू करना होगा।

अमेरिका और ब्रिटेन के साथ कई देशों में बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू हो गया है लेकिन भारत में बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर अभी तक कुछ भी तैयारी नहीं है।बच्चों का इम्यून सिस्टम बढ़ों के मुकाबले बहुत कम होता है और इसी वजह से उनकी जान का खतरा ज्यादा होता है। आपको अपने बच्चों को भीड़भाड़ से बचाकर रखना होगा और उनको मास्क देकर इस वायरस से बचाना होगा।





