आसान भाषा में समझे क्रिप्टोकरेंसी की पूरी जानकारी
इन दिनों पूरे देश में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कई प्रकार की बाते सामने आ रही है और कई लोगों को तो इसके बारे में कुछ भी पता नहीं है। इसको लेकर कई प्रकार की बाते कर रहे है। क्रिप्टोकरेंसी देश में ही नहीं विदेश में भी लोगों की समझ से परे है। क्रिप्टोकरेंसी के खतरे को लेकर कई प्रकार की बाते होती है और इसी वजह से सरकार ने इसको लेकर बिल पेश किया है।
क्रिप्टो करेंसी वित्तीय लेन-देन का एक माध्यम है। यह एक ऐसे करेंसी है जो दिखाई नहीं देती है जबकि यह होती है। इसे डिजिटल करेंसी के नाम से जाना जाता है और इसका पूरा कारोबार ऑनलाइन ही होता है। इसे अनियमित बाजार के तौर पर जाना जाता है, जो पलभर में किसी को अमीर बना देती है तो किसी को फकीर बना सकती है। लेकिन इसके खतने के बाद भी लोगों में इसको लेकर लोकप्रियता देखने को मिल रही है।
दुनिया में सबसे अधिक क्रिप्टो करेंसी में बिटक्वाइन आगे है और इसके बाद दूसरे नंबर पर क्रिप्टो करेंसी है। पहले बिटक्वाइन का ही क्रिप्टो बाजार में दबदबा था लेकिन समय के साथ कई डिजिटल मुद्राएं आई और आज क्रिप्टो ने दुनिया के ज्यादातर देशों में अपनी दस्तक दे दी है। क्रिप्टो करेंसी को एक प्रकार की डिजिटल कैश कहा जाता है तो कंप्यूटर से जुड़ी हुई है और कंप्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है। इस पर किसी भी देश नियंत्रण नहीं है और इसी वजह से लोगों को ज्यादा पसंद आ रही है।
क्रिप्टो करेंसी का लेन-देन करने के लिए जिस प्रणाली को काम में लिया जाता है उसे ब्लॉकचेन कहते हैं। इसे एक कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए नियंत्रित किया जाता है। हर दिन इसके लेन-देन का डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा सत्यापन किया जाता है और उसे एक ब्लॉक में रखा जाता है।

क्रिप्टो करेंसी खरीदने की प्रकिया बहुत आसान है। दुनिया भर में सैकड़ों क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज काम कर रहे हैं जहां से आप खरीद सकते हैं। इसका बाजार 24 घंटे खुला रहता है देश में बिटक्वाइन अन्य क्रिप्टो करेंसी को खरीदना और बेचना काफी आसान है। भारत में भी क्रिप्टो में निवेश करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन को लेकर कर लगाने का फैसला किया गया है। अब क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स देना पड़ेगा।





