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देश के कोने-कोने से अरबों रुपए जब्त कर रही है ईडी,फिर क्या होता है इन पैसों का..

प्रकाशित: Jul 30, 2022 17:34रिपोर्ट: Navtej TV

ईडी इन दिनों एक बार फिर छापेमारी को लेकर सुर्खियों में है, ईडी बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर छापेमारी कर 50 करोड़ रुपए ज्यादा कैश और 5 किलो से ज्यादा सोना बरामद कर चुकी है। नोटों की ढेर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इसी तरह जब पिछले दिनों यूपी के इत्र कारोबारी पीयूष जैन पर ईडी ने कार्रवाई की थी तो उनके आवास से 177.45 करोड़ रुपये बरामद किए थे, पीयूष जैन से बरामद हुए रूपयों के बंडल की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, इतने सारे नोटों के ढेर और सोने.चांदी को देखकर हर किसी के मन में एक ही सवाल उठता है आखिर इतने पैसों और सोना.चांदी का क्या होगा तो हम आपकों बताते है क्या होता है इन रूपयों और सोने.चांदी का।

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किसी के पास से जब्त की गई रकम को ईडी अपने साथ ले जाती है। उसमें से जो रकम सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश करने होते हैं, उन्हें सील बंद लिफाफे में रख दिया जाता है। बाकी रकम केंद्र सरकार के खाते में जमा कर दी जाती है। कोर्ट का फैसला आने के बाद तय होता है कि उस रकम का क्या होगा, कोर्ट में जांच एजेंसी को साबित करना होता है कि जब्त किया गया कैश या अन्य संपत्ति गैर कानूनी या गलत ढंग से हासिल की गई है। अगर एजेंसी ये साबित नहीं कर पाती है तो उसे जब्त की गई पूरी रकम लौटानी होती है। वहीं अगर एजेंसी आरोप साबित कर देती है तो सरकार पूरी रकम अपने पास रख सकती है या कुछ जुर्माना लगाकर उसे वापस कर सकती है।

इसी तरह ईडी के पास प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के सेक्शन 5;1 के तहत संपत्ति को अटैच करने का अधिकार है। अदालत में संपत्ति की जब्ती साबित होने पर इस संपत्ति को पीएमएलए के सेक्शन 9 के तहत सरकार कब्जे में ले लेती है। जब ईडी किसी की प्रॉपर्टी को अटैच करती हैए तो उस पर बोर्ड लगा दिया जाता है, जिस पर लिखा होता है इस संपत्ति की खरीद.बिक्री या इसका इस्तेमाल नहीं हो सकता है।

कई मामलों में घर और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी को अटैच किए जाने पर उनके इस्तेमाल को लेकर छूट भी है। पीएमएलए के तहत ईडी अधिकतम 180 दिन यानी 6 महीने के लिए किसी संपत्ति को अटैच कर सकती है। अगर तब तक ईडी संपत्ति अटैच करने को अदालत में वैध नहीं ठहरा पाती है तो 180 दिन बाद संपत्ति खुद ही रिलीज हो जाएगी, यानी वो अटैच नहीं रह जाएगी।