बिना शिवसेना के सीएम बन गए शिंदे, ऑटो रिक्शा ड्राइवर की दिलचस्प कहानी
महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान का आखिर कल शाम अंत हो गया, सीएम उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बाद जहां कयास लगाए जा रहे थे कि सीएम देवेंद्र फडणवीस बनेंगे, लेकिन फडणवीस के ऐलान के बाद की शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री होगें इस घोषणा ने एकाएक सबकों चौंका दिया था, लेकिन क्या आपको पता है शिंदे कभी एक ऑटोरिक्शा चलाते थे और ऑटोरिक्शा चलाने वाला कैसे एक सीएम के पद तक पहुंचा चलिए आपको बताते है..एकनाथ शिंदे के ऑटोरिक्शा चालक से लेकर सीएम तक के सफर की दास्तां।
Nupur Sharma पूरे देश के लिए खतरा- SC
मराठी समुदाय से तालुक रखने वाले एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को सतारा जिले के पहाड़ी जवाली तालुका में हुआ, 11 वीं तक पढ़ाई करने के बाद शिंदे ऑटो रिक्शा चलाने लगे और ऑटो रिक्शे चलाते-चलाते शिवसेना से जुड़े गए, यहीं से शुरू हुआ था उनका सियासी सफर, ठाणे जिले के प्रभावशाली नेताओं में एकनाथ शिंदे की गिनती होती है, लोकसभा चुनाव हो या नगर निकाय का जीत के लिए एकनाथ शिंदे का साथ जरूरी माना जाता है, शिंदे 1997 में ठाणे महानगर पालिका से पार्षद चुने गए और 2001 में नगर निगम सदन में विपक्ष के नेता बने, साल 2002 में दूसरी बार निगम पार्षद बने,
दूसरी बार पार्षद चुने जाने के दो साल बाद ही विधायक बन गए, लेकिन शिवसेना में सियासी बुलंदी साल 2000 के बाद छुआ, राज ठाकरे के शिवसेना छोड़ने के बाद एकनाथ शिंदे क ग्राफ शिवसेना में तो बढ़ा ही बढ़ा और ठाकरे परिवार के करीबी भी बन गए. उद्धव ठाकरे के साथ एकनाथ मजबूती से खड़े रहे, मातोश्री के सबसे करीबी नेताओं की लिस्ट में एकनाथ शिंदे का नाम सबसे पहले लिया जाता था. एकनाथ शिंदे ठाणे की कोपरी-पंचपखाड़ी सीट से साल 2004 में पहली बार विधानसभा पहुंचे शिंदे इसके बाद 2009, 2014 और 2019 में भी विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए, इस तरह से एकनाथ शिंदे ने नगर पलिका के पार्षद से विधायक और मंत्री तक का सफर तय किया,

शिंदे देवेंद्र फडणवीस मंत्रिमंडल के ताकतवर मंत्रियों में से एक थे तो उनकी सियासी तूती बोलती थी. 2019 में जब वो चुनाव जीतने के बाद विधानसभा पहुंचे तो शिवसेना और उसकी तब गठबंधन सहयोगी रही बीजेपी के बीच बात बिगड़ गई, तब शिवसेना विधायक दल ने शिंदे को विधायक दल का नेता चुना।
वहीं कल राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात के बाद देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें फडणवीस ने एलान किया कि भाजपा उन्हें अपना समर्थन देगी और एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ लेंगे, जिसके बाद शाम 7.30 बजे राजभवन में एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।





