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चिंतन के बाद हार्दिक ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता, एक पत्र से खोल दिया पूरा चिट्ठा

प्रकाशित: May 18, 2022 20:49रिपोर्ट: Navtej TV

कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है, चिंतन शिविर के बाद लग रहा था, कि कांग्रेस में बड़े बदलाव होगें, जिसकों लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भी बड़े-बड़े दावे किए थे कि चिंतिन शिविर कांग्रेस के लिए नई दिशानिति तय करेगा लेकिन अब वो दावे भी सिरे से खारिज होते नजर आ रहे है। हार्दिक पटेल के इस्तीफे से गुजरात कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है, हार्दिक पिछले काफी दिनों से आलाकमान से नाराज चल रहे थे।

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हार्दिक पटेल ने इस्तीफा देने के साथ ही सोनिया गांधी को एक लेटर लिखा है। पटेल ने कहा है कि हाईकमान मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं है, जब मैं गुजरात की समस्याओं को लेकर जाता था, तो टॉप लीडरशिप मोबाइल फोन में व्यस्त रहते थे। हार्दिक ने अपने लेटर में लिखा है कि जब देश संकट में था, कांग्रेस को नेतृत्व की जरूरत थी, तब हमारे नेता विदेश में थे, इतना ही नहीं इस पत्र में हार्दिक पटेल ने कहा, अयोध्या में प्रभु राम का मंदिर हो, नागरिकता कानून-एनआरसी का मुद्दा हो, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाना हो या जीएसटी लागू करने का फैसला, देश लंबे समय से इनका समाधान चाहता था,

लेकिन कांग्रेस पार्टी इसमें सिर्फ बाधा बनने का काम करती रही। गुजरात में विधानसभा चुनाव के 6 महीने पहले कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने इस्तीफा दे दिया है। हार्दिक ने सोनिया गांधी को लेटर लिखते हुए कहा है कि कांग्रेस हाईकमान का ध्यान मुद्दे सुनने से अधिक चिकन सैंडविच और मोबाइल फोन पर रहता है। हार्दिक के कांग्रेस छोड़ने की घोषणा के साथ ही दावा किया जा रहा है वो बीजेपी में शामिल हो सकते है, बताया जा रहा है हार्दिक पिछले 2 महीने से बीजेपी के नेताओं से संपर्क में है, 13 से 15 मई तक उदयपुर में हुए कांग्रेस के चिंतन शिविर में हार्दिक पटेल को शामिल होने के लिए भी न्योता मिला था,


लेकिन वे शामिल नहीं हुए थे। हार्दिक पिछले कुछ हफ्तों से गुजरात कांग्रेस इकाई में अंदरूनी कलह के बारे में शिकायत कर रहे थे और उन्होंने पार्टी में अपनी स्थिति की तुलना ऐसे दूल्हे से की थी, जिसे नसबंदी के लिए मजबूर किया जा रहा है, वही एक इंटरव्यू में भी हार्दिक पटेल ने पार्टी पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी उनका वही हाल करना चाहती है जो उसने राजस्थान में सचिन पायलट के साथ किया था। वही अब विधानसभा चुनावों से 6 महीने पहले हार्दिक पटेल का कांग्रेस छोड़कर जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, अब लग रहा कि उदयपुर का चिंतिन शिविर भी कांग्रेस के युवा नेताओं को भी रास नहीं आया, चितिंन शिविर के बाद भी नेताओं का कांग्रेस छोड़कर जाना कांग्रेस के भविष्य के लिए चिंताजनक है।