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हिजाब के बाद अब बाइबिल पर हुआ विवाद, बाइबिल पढ़ने पर किया मजबूर

प्रकाशित: Apr 26, 2022 16:34रिपोर्ट: Navtej TV

कर्नाटक के स्कूलों में हिजाब के बाद अब बाइबिल को लेकर नया विवाद शुरू हो चुका है, राजधानी बेंगलुरु के एक स्कूल ने ऐसा फरमान जारी कर दिया है जिसे लेकर अब बवाल मच गया है, इस स्कूल ने बच्चे के माता-पिता से कहा है कि वो उन्हें स्कूल में बाइबिल लाने से रोकेंगे नहीं, बेंगलुरु में बाइबिल को लेकर क्या है पूरा विवाद चलिये आपकों बताते है...

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हिन्दू जनजागरण समिति की ओर से बेंगलुरु के क्लेरेंस हाई स्कूल को लेकर आपत्ति जताई है, समिति द्वारा इस बात का दावा किया गया है कि स्कूल छात्रों के अभिभावकों से दाखिले के समय अंडरटेकिंग लेता है कि छात्र अपने साथ बाइबल ले कर आएंगे और वो इसका अध्ययन भी करेंगे, हिन्दू जनजागरण समिति के प्रवक्ता मोहन गौड़ा द्वारा इस विषय मे एक वीडियो जारी कर आपत्ति जताई है. मोहन गौड़ा ने कहा है कि स्कूल की ये कार्यवाही संविधान की धारा 25 और 26 का उलंघन है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है.

इसमें उन बच्चों के अधिकारों का भी हनन होता है जो ईसाई नहीं है. समिति द्वारा कर्नाटक के शिक्षा मंत्री से मामले पर कार्यवाही करने की मांग की गई है, वरना वह खुद अपनी ओर से हाई कोर्ट में PIL दाखिल करेंगे, विवाद सामने आने के बाद क्लेरेंस हाई स्कूल की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. स्कूल ब्रिटिश काल से बेंगलुरु में स्थित है और इसकी स्थापना वर्ष 1914 में हुई थी. वहीं मामला सामने आने के बाद कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने मामले की जांच पड़ताल का भरोसा दिया है।


वहीं आपकों बता दे कि इससे पहले राज्य में हिजाब को लेकर काफी लंबा विवाद चला था, बीते शुक्रवार को भी हिजाब पहनकर एग्जाम देने पहुंची दो छात्राओं को सेंटर पर एंट्री देने से मना कर दिया गया था, इससे नाराज होकर दो स्टूडेंट्स ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया और एग्जाम सेंटर छोड़कर चली गईं। वहीं एग्जाम छोड़कर जाने वाली लड़कियों ने कहा कि वे उसे किसी अन्य जगह पर जा कर हटा देंगी और एग्जाम खत्म होने के बाद फिर से पहन लेंगी. हालांकि इससे बावजूद उन्हें सेंटर पर एंट्री नहीं दी गई।