इमरान सरकार की उलटी गिनती शुरू, जल्द हो सकता है तख्ता पलट!
पाकिस्तान में इमरान सरकार और सेना के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और इस तनाव बढ़ने की मुख्य वजह खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख के पद को लेकर हो रही है। खबरों के अनुसाार बताया जा रहा है कि सेना ने पाकिस्तानी पीएम इमरान सरकार का तख्ता पलटने की पूरी तैयारी कर ली है। सेना प्रमुख बाजवा आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद को पद पर बने रहना चाहते तो दूसरी तरफ 20 नवंबर को पाकिस्तानी पीएम लेफ्टिनेंट जनरल नदीम अंजुम आईएसआई का प्रमुख बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
पाकिस्तानी सेना ने इमरान सरकार को अल्टीमेट दे दिया है कि अगर वह फैज हमीद को पद से हटाती है तो उसे इस्तीफा देना होगा नहीं तो उनकी सरकार गिर जाएगी। अगर इमरान 20 नवंबर तक अपना फैसला नहीं बदलते है तो सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ को देने वाले गठबंधन दल मुतहिदा कौमी मूवमेंट और पाकिस्तान मुस्लिम लीग उनका साथ छोड़ सकती है। पाकिस्तान सरकार ने डर के कारण ही तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान के सैकड़ों समर्थकों को रिहा किया था ताकि हिंसक प्रदर्शनों को रोका जा सके।
खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना पूर्व पीएम नवाज शरीफ को देश लौटने के संकेत दिये है और कहा गया है कि देश को उनकी जरूरत है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पाकिस्तान में केवल सरकार दिखावे के लिए बनती है उसका वास्तिवक नेतृत्व तो सेना के पास होता है। सेना की मर्जी के बिना कोई भी सरकार पाकिस्तान पर शासन नहीं कर सकती सेना ने अपना समर्थन वापस लिया तो समझो सरकार गिर गयी।
पाकिस्तानी सेना ने इमरान सरकार को अल्टीमेट दे दिया है कि अगर वह फैज हमीद को पद से हटाती है तो उसे इस्तीफा देना होगा नहीं तो उनकी सरकार गिर जाएगी। अगर इमरान 20 नवंबर तक अपना फैसला नहीं बदलते है तो सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ को देने वाले गठबंधन दल मुतहिदा कौमी मूवमेंट और पाकिस्तान मुस्लिम लीग उनका साथ छोड़ सकती है। पाकिस्तान सरकार ने डर के कारण ही तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान के सैकड़ों समर्थकों को रिहा किया था ताकि हिंसक प्रदर्शनों को रोका जा सके।

खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना पूर्व पीएम नवाज शरीफ को देश लौटने के संकेत दिये है और कहा गया है कि देश को उनकी जरूरत है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि पाकिस्तान में केवल सरकार दिखावे के लिए बनती है उसका वास्तिवक नेतृत्व तो सेना के पास होता है। सेना की मर्जी के बिना कोई भी सरकार पाकिस्तान पर शासन नहीं कर सकती सेना ने अपना समर्थन वापस लिया तो समझो सरकार गिर गयी।



