भारत के विदेश मंत्री की मॉस्को यात्रा पर टिकी लोगों की नज़रे
आठ महीने से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा ऐसे में भारत युद्ध खत्म कराने में एक अहम भूमिका निभा सकता है. इसी उम्मीद के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर आज अपनी दो दिवसीय यात्रा पर रूस जाएंगे. जहां वह रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उप प्रधानमंत्री के साथ ही व्यापार और उद्योग मंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ भी बातचीत करेंगे|
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माँस्को के इस दौरे पर दुनियाभर के लोगों की निगाहें उम्मीदों से भरी हुयी हैं. इस दौरे के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत में द्विपक्षीय मुद्दों को उठाने और अपने विचारों को प्रकट करने की एक उम्मीद देखी जा रहीं हैं. आपको बता दें कि पुतिन ने 4 नवंबर को रूस के एकता दिवस के अवसर पर भारतीयों की तारीफ करते हुए कहा था कि भारत में अपार संभावनाएं हैं, इसमें कोई शक नहीं है कि यह विकास के मामले में उत्तम रिजल्ट हासिल करेगा|

वहीँ रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुलह कराने के काफी प्रयास किए थे और मैक्रों ने उस समय युद्ध की शुरुआत से एक हफ्ते पहले ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मॉस्को में मुलाकात भी की. इसी दौरान मैक्रों ने पश्चिमी देशों के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शांति वार्ता का नेतृत्च का अनुरोध किया जाए, लेकिन उस समय उनकी सभी कोशिशें नाकाम रहीं|





