CJI पर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर पर कार्रवाई: बार काउंसिल ने किया लाइसेंस सस्पेंड
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बड़ी कार्रवाई की है। BCI ने राकेश किशोर का वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
🔹 क्या है पूरा मामला
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अचानक एक वकील ने CJI बी.आर. गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की।
सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल वकील को पकड़ लिया और कोर्ट में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
वकील की पहचान राकेश किशोर के रूप में हुई, जिनकी उम्र लगभग 60 वर्ष बताई जा रही है।
घटना के बाद उन्होंने नारे लगाए —
“सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”
हालांकि, Chief Justice बी.आर. गवई ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
“मुझे ऐसी बातों से फर्क नहीं पड़ता, मैं उन्हें माफ करता हूं।”
🔹 कौन हैं राकेश किशोर
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राकेश किशोर का नाम सुप्रीम कोर्ट बार में 2011 से रजिस्टर्ड है।
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इससे पहले वे कभी किसी विवाद में नहीं रहे।
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यह पहली बार है जब उन्होंने ऐसी हरकत की हो।
🔹 CJI के बयान से आहत थे राकेश किशोर
हाल ही में CJI बी.आर. गवई ने खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति पुनः स्थापित करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।
सुनवाई के दौरान दिए गए उनके बयान पर सोशल मीडिया में काफी विवाद हुआ।
माना जा रहा है कि उसी बयान से आहत होकर राकेश किशोर ने यह कदम उठाया।
🔹 बार काउंसिल की कार्रवाई
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा कि यह कृत्य “कोर्ट की गरिमा और वकालत पेशे की प्रतिष्ठा के विपरीत” है।
BCI ने राकेश किशोर को शो कॉज नोटिस जारी किया है और 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों उनका सस्पेंशन जारी न रखा जाए।
सस्पेंशन के दौरान वे किसी भी अदालत या ट्रिब्यूनल में पेश नहीं हो सकेंगे।
BCI ने कहा —
“यह घटना न्यायपालिका और वकील समुदाय की गरिमा पर आघात करती है, इसलिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।”
🔹 दिल्ली पुलिस ने छोड़ा, CJI ने माफ किया
घटना के बाद पुलिस ने वकील को हिरासत में लिया था।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने CJI के निर्देश पर कोई मामला दर्ज न करने का फैसला किया।
इसके बाद पुलिस ने वकील को छोड़ दिया और उनके दस्तावेज — जैसे आधार कार्ड, बार काउंसिल कार्ड और मोबाइल — लौटा दिए।
🔹 क्या आगे होगा?
अब BCI की अनुशासन समिति तय करेगी कि यह सस्पेंशन स्थायी होगा या नहीं।
अगर जवाब असंतोषजनक पाया गया, तो राकेश किशोर का वकालत लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है।
🔹 घटना के बाद उठे सवाल
यह मामला न्यायपालिका की मर्यादा, वकीलों की आचार संहिता, और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर नई बहस छेड़ गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत के भीतर किसी भी प्रकार का हिंसक या अपमानजनक व्यवहार “कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट” की श्रेणी में आता है।
📌 हाइलाइट्स
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CJI पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर पर एक्शन
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बार काउंसिल ने वकालत का लाइसेंस सस्पेंड किया
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CJI बी.आर. गवई बोले – “मैं उन्हें माफ करता हूं”
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सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने कहा – कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी
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घटना ने कोर्ट की गरिमा और वकीलों की आचार संहिता पर बहस छेड़ी





