राजस्थान में अनिवार्य FIR करने के बाद अपराध के ग्राफ में आया भारी उछाल, देखें पूरी रिपोर्ट
राजस्थान में इन दिनों अपराध के आंकड़ों की संख्या तेजी से बढ़ी है और इसी वजह से विपक्ष सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोल रहा है। लेकिन अपराध की संख्या में तेजी से इजाफा होना सरकार द्वारा लागू किया गया अनिवार्य एफआईआर से हुआ है। गहलोत सरकार ने जनता को बड़ी राहत देते हुए अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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इस आदेश के बाद अब तक प्रदेश में लगभग दो लाख एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस आदेश से पहले आम आदमी को मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस थानों के चक्कर लगाने पड़ते थे जिसके बाद सीएम गहलोत ने 2019 अक्टूबर में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रदेश में अनिवार्य एफ आई आर दर्ज कराने के आदेश जारी किए थे।

इस आदेश के बाद प्रदेश में अपराधियों का आंकड़ा तेजी से बड़ा है लेकिन आम जनता अब बड़ी आसानी से अपना मुकदमा दर्ज करवा पा रही है। इस नियम के लागू होने से पहले की तुलना में मुकदमों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान पुलिस का प्रदर्शन अच्छा रहा है लेकिन विपक्ष इस बात को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है।





