गहलोत सरकार की नैय्या डूबाने में लगे मंत्री-विधायक,फिर सरकार बनाने का सपना रहेगा अधूरा
राजस्थान में इन दिनों गहलोत सरकार के लिए कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा है क्योंकि एक तरफ सीएम जनता के लिए बड़ी बडी घोषणाएं कर रहे है तो दूसरी तरफ उनकी ही सरकार के मंत्री और विधायक उनके लिए परेशानी बन रहे हैं। गहलोत सरकार जब से बनी है तब से लेकर अब तक उसके लिए कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है क्योंकि पहले पार्टी के नेताओं ने बगावत कर दी जिसके कारण सरकार गिरने तक की नौबत आ गई थी। इस संकट से बाहर निकलने के लिए गहलोत ने अपनी पूरी ताकत लगा दी और वह इसमें सफल हो गए और फिर नए मंत्रिमडंल के साथ सरकार ने अपना काम करना शुरू किया ही था कि विधायकों की नाराजगी शुरू हो गई थी।
इसके बाद सीएम ने अपने समझदारी के साथ सबको खुश करने का प्रयास किया लेकिन महिलाओं के साथ रेप की घटनाएं,हत्या और पेपर लीक ने सरकार के लिए परेशानी बन गई। सरकार ने इन सब को लेकर अपनी सफाई दी लेकिन इसके बाद सीएम गहलोत के मंत्री और विधायकों पर ऐसे आरोप लगे जिसको लेकर सरकार से जवाब बनता नहीं आ रहा है। सीएम के सबसे विश्वास पात्र मंत्री महेश जोशी के बेटे पर रेप के आरोप, विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे पर रेप का आरोप और सबसे बड़ा खेल तो तब हुआ जब चिंतन शिविर के बाद राजस्थान युवक कांग्रेस के अध्यक्ष और विधानसभा में डूंगरपुर सीट से विधायक रहे गणेश घोघरो ने इस्तीफा दिया।
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सीएम गहलोत इस बार राजस्थान में सरकार बदलने की परंपरा को तोड़ने का दावा करते हुए फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने की बात कह रहे हैं और इसके लिए उन्होंने कई ऐसे फैसले लिए है जो जनता के लिए बड़ी राहत का काम कर रहे हैं। लेकिन सरकार के अच्छे कामों के बाद भी गहलोत सरकार से लोगों का विश्वास उठ रहा है और इसकी वजह सरकार के मंत्री और विधायक है जिनके कारण दोबारा सरकार बनाने का सपना अधूरा होता दिख रहा है।
कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा
चिंतन शिविर के बाद सीएम गहलोत की सरकार पर उसके ही विधायक गणेश घोघरा ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। घोघरा ने साफ शब्दों में कहा उनकी अनदेखी की जा रही है और इस बात से वह नाराज है। इसके बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया तो सरकार की तरफ से कहा गया है कि विधायक से बात करके उनकी नाराजगी दूर की जाएगी। लेकिन जनता ने कह दिया है कि जब विधायक की नहीं सुनी जा रही तो आम जनता किस के पास जाएगी।

जलदाय मंत्री महेश जोशी
राजस्थान के जलदाय मंत्री महेश जोशी को कांग्रेस का संकटमोचक कहा जाता है लेकिन इन दिनों मंत्री महोदय ही कांग्रेस के लिए सकंट बने हुए है। इस संकट का कारण मंत्री पुत्र रोहित जोशी है। जिन पर एक युवती से दुष्कर्म का आरोप लगाया है तो विपक्ष मंत्री के इस्तीफे की बात कर रहा है। गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री महेश जोशी ने अपने बेटे रोहित जोशी पर रेप के आरोपो को गलत बताया है और पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है। लेकिन इस मामले ने प्रदेश की जनता को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पहले भी गहलोत सरकार के मंत्रियों पर आरोप लगे थे तो जनता ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया था। इसी वजह से सीएम गहलोत का दोबारा सरकार बनाने का सपरा अधूरा ही रहता दिख रहा है।
कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा
कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को लेकर सरकार की जमकर आलोचना हुई थी। विधायक ने विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ मारपीट की तो गिरफ्तारी को लेकर जमकर ड्रामा हुआ था लेकिन अंत में सीएम के कहने पर सरेंडर किया और इसके बाद उनको जेल हो गई। इस मामले में सीएम तक को हस्तक्षेप करना पड़ा था और कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि अगर न्याय नहीं मिलेगा तो वह आंदोलन करेंगे।
कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा
राजस्थान में रेप की घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रही तो इसी बीच सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा के बेटे पर भी रेप के गंभीर आरोप लगे है। राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाने में विधायक के बेटे दीपक मीणा के साथ तीन दोस्तों के खिलाफ गैंग रेप का मुकदमा दर्ज हो रखा है। आरोपियों ने 10वीं में पढ़ने वाली एक छात्रा को अगवा करके उसके साथ रेप किया था। इस मामले को गलत बताया था लेकिन इसके कारण गहलोत सरकार की जमकर किरकिरी हुई थी।
पायलट गुट
सीएम गहलोत के लिए पायलट गुट भी परेशानी बना हुआ है क्योंकि दोनों नेताओं के बीच चली तनातनी अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कई बार देखा गया है कि मंच पर गहलोत होते है तो पायलट नहीं होते है और अगर साथ भी होते है तो दोनों एक दूसरे से नजरे बचाते दिखते है। सीएम गहलोत 2023 में फिर सीएम बनने का दावा करते है तो पायलट गुट के नेता बदलाव की मांग कर रहे हैं।





