ओमिक्रॉन की दहशत से इस देश ने लगाया लॉकडाउन, जानें भारत का हाल
ओमिक्रॉन का खतरा दुनिया के लिए नई परेशानी बनता जा रहा है खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि इस वायरस के कारण पहली मौत भी हुई है। इस वायरस का खतरा इस बार भी ब्रिटेन में ज्यादा देखने को मिल रहा है और पहली मौत की खबर भी ब्रिटेन में ही हुई है। इस खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही चेतावनी जारी करके बता दिया था कि यह वायरस जल्द खत्म नहीं होगा इसका प्रभाव आने वाले दिनों में तेजी से देखने को मिलेगा।
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ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट से पहली मौत हुई तो नॉर्वे सरकार ने अपने देश में आंशिक रूप से लॉकडाउन लगाने का फैसला कर लिया है। भारत के लिए अभी तक राहत की खबर है कि ओमिक्रॉन के मरीजों की संख्या ज्यादा नहीं है और न ही किसी की मौत हुई है। लेकिन फिर भी केंद्र सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए सख्त प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि इसके कारण तीसरी लहर भी आ सकती है। इस वायरस की गति को देखते हुए कहा जा रहा है कि अगर इस पर जल्द रोक नहीं लगी तो नये साल से पहले अकेले ब्रिटेन में 10 लाख लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।

नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने कहा कि ओमिक्रॉन संक्रमण के कारण लॉकडाउन का फैसला किया है और आशंका जताई है कि जनवरी तक 3 लाख से ज्यादा मरीज हो सकते हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट पर वैक्सीन बहुत कम प्रभावी है और इसी वजह से पूरी दुनिया के लिए ये नया खतरा है। भारत की स्थिती अभी तक सामान्य है लेकिन लोगों को ज्यादा से ज्यादा सावधानी रखने की आवश्कता है। भारत में ओमिक्रॉन के मरीजों का आंकड़ा धीरे—धीरे 50 के पार होता दिख रहा है।





