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भारत में हुआ पैगंबर का अपमान तो विदेशों में रहने भारतीयों की बढ़ी परेशानी

प्रकाशित: Jun 07, 2022 19:39रिपोर्ट: Navtej TV

पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के बयान का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि इस बयान के बाद भारत सरकार जहां मुस्लिम देशों के बयानों से घिरी नजर आ रही है वहीं इन मुस्लिम देशों में रह रहे भारतीय के लिए भी इस बयान के बाद परेशान खड़ी हो गई है, कतर की अगर बात करे तो वहां रहने वाले लोगों को अब शर्मीदगी झेलने पड़ रही है, कुछ खाड़ी देशों में तो भारतीय सामानों का भी बहिष्कार किया जा रहा है, देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

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खाड़ी देशों में नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर दिए बयान के बाद भारत की एक नई छवि बन गई है, कतर जैसे छोटे से देश में जहां उनकी खुद की आबादी 28 लाख लाख है आसपास है वहां 7 से 8 लाख भारतीय रह रहे है, जिसमें बिजनेसमैन, नौकरी करने वाले और श्रमिक शामिल हैं, यानि यहां सबसे अधिक आबादी भारतीय मूल के लोगों की है, लेकिन जैसे ही भारत में कोई छोटा या बड़ा नेता हेट स्पीच देता है, किसी धर्म या समुदाय विशेष के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करता है, उसका सीधा असर कतर जैसे छोटे देश में रह रहे भारतीयों पर पड़ता है, भारतीय खुद को दबाव में महसूस करने लगता है, वह चाहे हिंदू हो या सिख, मुस्लिम या ईसाई।

जब कोई देश का व्यक्ति दूसरे देश में जाकर नौकरी करता है तो सिर्फ उसका एक धर्म होता है वो होता है भारतीय होने का, लेकिन इस तरह के बयान के बाद उन भारतीयों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है जो दूसरे देशों में रहते है, इन दिनों कतर के सोशल मीडिया ग्रुप्स में पैगंबर पर दिए बयान का विरोध हो रहा है, वर्कप्लेसज में होने वाली चर्चाओं से भी भारतीयों अपने आपको असहज महसूस करते है, सूचना तो यहां तक आ रही है खाड़ी के दूसरे देशों में भारतीय उत्पादों का बहिष्कार किया जा रहा है।


वहीं 57 मुस्लिम देशों के संगठन OIC ने जब नूपूर के बयान के बाद टिप्पणी की तो अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी OIC के बयान पर ऐतराज जताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा- भारत OIC सचिवालय की गैरजरूरी और छोटी सोच वाली टिप्पणियों को साफ तौर पर खारिज करता है। भारत सरकार सभी धर्मों को सम्मान देती है।