Omicron: फरवरी में ओमिक्रॉन की तीसरी लहर से मचेगा हाहाकार!
कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया में भय पैदा कर दिया है। इस वायरस के खतरे को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने पूरी दुनिया को अलर्ट कर दिया है। हाल ही में डब्ल्यूएचओं की रिपोर्ट के अनुसार ओमिक्रॉन लगभग 50 से ज्यादा देशों में फैल चुका है लेकिन इससे अभी तक किसी की मौत का मामला सामने नहीं आया है। लेकिन यह वायरस बहुत तेज गति से बढ़ रहा है और अमेरिका व दक्षिण अफ्रीका सहित यूरोप के कई देशों के अस्पतालों में संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
फरवरी में ज्यादा खतराजिस तरह से ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया को इस चिंता में डाल दिया है कि वह आने वाले समय में बहुत ही विकराल रूप धारण कर सकता है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इस बात की तरफ इशारा कर दिया है कि इस वायरस का ज्यादा प्रभाव फरवरी में देखने को मिलेगा और इसके कारण कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है।
भारत में तेजी से मामले बढ़ेभारत में ओमिक्रॉन से संक्रमित 21 मामले सामने आ चुके हैं और इस वजह से भारत में इसका खतरा ज्यादा तेजी से बढ़ सकता है। भारत सरकार ने विदेश से आने वाले सभी लोगों की जांच के आदेश देने के साथ संक्रमित पाये जाने पर अच्छे से इलाज करवाने पर भी जोर दिया है।
वैक्सीन कारगार नहींकोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन पर किसी भी वैक्सीन का असर नहीं होता दिख रहा है और सभी देशों के डॉक्टर और विशेषज्ञों ने बुस्टर डोज की आवश्यकता पर जोर दिया है। क्योंकि इस वायरस की चपेट में वह लोग भी आ रहे है जो वैक्सीन की डोज ले चुके हैं।
फरवरी में ज्यादा खतराजिस तरह से ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया को इस चिंता में डाल दिया है कि वह आने वाले समय में बहुत ही विकराल रूप धारण कर सकता है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इस बात की तरफ इशारा कर दिया है कि इस वायरस का ज्यादा प्रभाव फरवरी में देखने को मिलेगा और इसके कारण कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है।
भारत में तेजी से मामले बढ़ेभारत में ओमिक्रॉन से संक्रमित 21 मामले सामने आ चुके हैं और इस वजह से भारत में इसका खतरा ज्यादा तेजी से बढ़ सकता है। भारत सरकार ने विदेश से आने वाले सभी लोगों की जांच के आदेश देने के साथ संक्रमित पाये जाने पर अच्छे से इलाज करवाने पर भी जोर दिया है।

वैक्सीन कारगार नहींकोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन पर किसी भी वैक्सीन का असर नहीं होता दिख रहा है और सभी देशों के डॉक्टर और विशेषज्ञों ने बुस्टर डोज की आवश्यकता पर जोर दिया है। क्योंकि इस वायरस की चपेट में वह लोग भी आ रहे है जो वैक्सीन की डोज ले चुके हैं।





