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नीतीश के मिशन 2024 से बीजेपी को होगा नुकसान, मोदी को हराने के लिए विपक्ष होगा एकजुट

प्रकाशित: Sep 06, 2022 22:00रिपोर्ट: Navtej TV

बिहार में जब से बीजेपी और आरजेडी का गठबंधन टूटा है तब से सीएम नीतीश कुमार पीएम मोदी को हराने की तैयारी में जुट गए है। बिहार में लालु प्रसाद के साथ और अन्य राज्यों में विपक्षी पार्टियों के नेताओं से मिलकर लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी में लग गए है।

विपक्ष चुनावों में एक होने का दावा करते है लेकिन उनके पास पीएम उम्मीदवार का एक चेहरा नहीं होने के कारण बीजेपी हमेशा से विपक्ष पर हमला बोलती रहती है। लेकिन इस बार नीतीश कुमार विपक्ष की तरफ से पीएम उम्मीदवार का चेहरा बनने की तैयारी कर रहे है और पीएम मोदी को हराने का संकल्प ले रहे है।

बिखरे हुए विपक्ष की एकता को एक करने ममता बनर्जी,अरविंद केजरीवाल और तेलंगाना के केसीआर लगातार प्रयास कर रहे है लेकिन इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी विपक्ष को एकजुट करने का बीड़ा उठा लिया है। वह इन दिनों दिल्ली दौर पर है और विपक्ष के सभी नेताओं से मिलकर आने वाले चुनावों में एकसाथ लाने का प्रयास कर रहे है।

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मोदी के खिलाफ 2024 में विपक्षी एकता दो ध्रुवों में बंटी हुई है लेकिन नीतीश कुमार उसके सेतु बने है। नीतीश ने राहुल गांधी और कुमारस्वामी, सीपीआई नेता सीताराम येचुरी और अरविंद केजरीवाल से मिले है। विपक्ष अभी तक पीएम मोदी के सामने अपने उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं कर रहा है लेकिन इस बार नीतीश कुमार का नाम सबसे आगे चल रहा है।

2024 के चुनाव में नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष का चेहरा बनने की की मांग आती है तो राहुल गांधी के नाम पर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल तैयार नहीं होते है। लेकिन इस बार नीतीश कुमार के नाम पर सभी दल एकसाथ आ सकते है। इसी वजह से नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एक करने की तैयारी शुरू कर दी है और आने वाले दिनों वह अन्य पार्टियों के नेताओं से मिल सकते है।


नीतीश ने पहले भी पीएम मोदी को उनकी स्टाइल में जवाब दिया था और उनके नाम पर पूरा विपक्ष एकजुट होने को तैयार है। तेजस्वी यादव, अखिलेश यादव, केसीआर, देवगौड़ा, ममता बनर्जी, ठाकरे, केजरीवाल इसके लिए तैयार है। लेकिन कांग्रेस इसको लेकर अभी किसी प्रकार का फैसला नहीं ले पा रही क्योंकि कांग्रेस का समर्थन नहीं होगा तब तक विपक्ष का एकजूट होना फायदेमंद साबित नहीं होगा।

नीतीश के पास एक लंबा राजनीतिक अनुभव है और उन पर किसी प्रकार के आरोप नहीं है। नीतीश राजनीतिक रूप से काफी बैलेंस बनाकर चलने वाले नेता माने जाते हैं और इसी वजह से उनके नाम पर नेता सहमत है।

कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी एकजुटता का कोई फायदा नहीं मिल पाया है और इसी वजह से कांग्रेस के बीना भी तीसरा फंर्ट मोदी सरकार को रोक सकता है। नीतीश की मेहनत कितना रंग लाती है यह तो आने वाला भविष्य ही बताएगा लेकिन 2024 के चुनावों में इस बार बीजेपी की राह आसान नहीं होने वाली है।