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पीएम मोदी ने मचा दुनिया में खलबली, भारत को भिखारी बताने वाला देश मांगने लगा भीख

प्रकाशित: May 20, 2022 20:31रिपोर्ट: Navtej TV

भारत ने गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसे लेकर वैश्विक बाजार में हाहाकार की स्थिति पैदा हो गई है और भारत की आलोचना हो रही है, जो अमेरिका भारत को भिखारियों का देश बता रहा था अब भारत से ही गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने से चिढ़ गया है, भारत के इस फैसले से क्यों बढ़ाई है अन्य देशों की चिंता और भारत ने क्यों लगाया गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट।

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जो गेहूं का सबसे ज्यादा निर्यात करते हैं. गेहूं का सबसे ज्यादा उत्पादन भी चीन के बाद भारत में ही होता है. 2021-22 में भारत में 1,113 लाख टन गेहूं का उत्पादन हुआ है, देश में बढ़ रही गेहूं और आटे की कीमतों पर काबू पाने के लिए भारत ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी, भारत ने ये रोक ऐसे समय लगाई है जब रूस-यूक्रेन जंग की वजह से दुनियाभर में गेहूं की सप्लाई पर असर पड़ा है।
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भारत के गेहूं के निर्यात पर रोक के फैसले पर अमेरिका आज नाराजगी जता रहा है, लेकिन कभी ऐसा वक्त भी था जब अमेरिका गेहूं के लिए भारत को धमकाता था, भारत गेहूं के लिए अमेरिका पर निर्भर हुआ करता था. पाकिस्तान के साथ 1965 की लड़ाई के समय अमेरिका ने भारत को गेहूं न देने की धमकी दी थी, तब प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश के लोगों को 'जय जवान-जय किसान' का नारा देते हुए कहा था कि वो हफ्ते में एक वक्त का खाना खाना छोड़ दें, उन्होंने खुद भी एक वक्त का खाना खाना छोड़ दिया है, शास्त्री की अपील का असर ये हुआ कि करोड़ों हिंदुस्तानियों ने हफ्ते में एक वक्त का खाना छोड़ दिया।

जब इंदिरा गांधी अमेरिका के दौरे पर गई थी तो अमेरिका के एक अखबार ने हेडलाइन छापी थी 'भारत की नई प्रधानमंत्री खाद्यान्नों की की भीख मांगने अमेरिका आ रहीं हैं, इतना ही नहीं, अमेरिका ने एक बार भारत को 'भिखारियों' का देश भी बताया था। वहीं अब गेहूं के निर्यात पर रोक लगाने से अमेरिका चिढ़ गया है।रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही गेहूं की किल्लत थी, जिसकी भरपाई भारत कर रहा था. गेहूं निर्यात पर रोक के भारत के फैसले पर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफिल्ड ने कहा कि इससे भोजन की कमी और बढ़ जाएगी।


वहीं अब अमेरिका भारत से उम्मीद कर रहा है कि भारत गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा, अमेरिका का कहना है कि भारत के इस फैसले से मौजूदा वैश्विक खाद्य संकट और बदतर होता जाएगा. हम देशों से कह रहे हैं कि वो निर्यात को प्रतिबंधित न करें क्योंकि हमें लगता है कि निर्यात पर कोई भी प्रतिबंध भोजन की कमी को और बढ़ा देगा।