संविधान को जलाने के बाद उसी की शपथ लेकर सीएम बने बादल, ऐसी रही उनकी जीवनी
2022 में पंजाब में विधानसभा चुनाव हो रहे थे, आम आदमी पार्टी ने रिकॉर्डतोड़ बहुमत के साथ पहली बार दिल्ली से बाहर पंजाब में सरकार बनाई, आम आदमी पार्टी के तूफ़ान से लगभग बड़े-बड़े दिग्गजो को चुनाव में हार का मुँह देखना पड़ा, वही इस चुनाव में उम्र के पड़ाव के आखिरी दौर में होने के बावजूद एक आदमी अपने पुरे दमखम के साथ इस चुनाव में अपनी ताकत झोक रहा था, उसका नाम था पंजाब के पांच बार के सीएम प्रकाश सिंह बादल, हालाँकि वो ये चुनाव हार गए, लेकिन उनका जोश देखने लायक था, कल रात को लम्बी बीमारी के चलते मोहाली के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया,
1927 में हुआ था जन्म
बादल का जन्म 8 दिसम्बर 1927 को पंजाब में मालवा के पास स्थित अबुल खुराना गांव में एक जाट सिख परिवार में हुआ था। पिता का नाम रघुराज सिंह और मां का नाम सुंदरी कौर था। 1959 में सुरिंदर कौर से शादी की और उनके दो बच्चे सुखबीर सिंह बादल और परनीत कौर है। पत्नी सुरिंदर कौर का 2011 में हो गया था
बादल का राजनैतिक जीवन
प्रकाश सिंह बादल ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत सरपंच चुनाव से की थी, सरपंच का चुनाव जीतकर राजनीति में आए, प्रकाश सिंह बादल राजनेताओं की उस पीढ़ी से हैं, जिन्होंने गुलामी का दौर भी देखा.. बादल 1947 में उन्होंने प्रथम बार सरपंच का चुनाव जीतकर राजनीति में आए थे. राजनीती में आने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नही देखा, 1957 में पहली बार पंजाब विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए और इसके बाद 1969 में प्रकाश सिंह बादल को एक बार फिर विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे,
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केंद्र सरकार में मंत्री रहे
प्रकाश सिंह बादल केंद्र सरकार में अहम मंत्रालयों में मंत्री रहे, लेकिन ज़्यादा समय तक टिक नहीं पाए, साल 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार में करीब ढाई महीने तक केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री रहे, 1996 से 2008 तक अकाली दल के अध्यक्ष भी रहे. उन्होंने पंजाब से ही राजनीति की
ऐसा रहा है पंजाब में बादल का सियासी सफर
प्रकाश सिंह बादल को पंजाब की राजनीती का अहम किरदार ऐसे ही नहीं माना जाता है, वह रिकॉर्ड पांच बार पंजाब सूबे के मुक्यमंत्री रहे, और 10 बार विधनसभा चुनाव में जीत दर्ज करवाई, बादल ने पहली बार 1970 में मुख्य्मंत्री के रूप में शपथ ली थी इसके बाद वो 1977 में दूसरी बार सीएम बने, 1996 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन किया, जिसके बाद बादल ने 1997, 2007 और 2012 में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई।





