राजस्थान फिर अंधेरे में डुबने की कगार पर, दिवाली से पहले ही कई जिलों में शटडाउन
राजस्थान में बिजली कटौती की नौबत अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है और एक बार फिर कई जिलों में बिजली की जबरदस्त किल्लत देखने को मिल रही है। राज्य के पास एक बार फिर कोयला खत्म हो गया है और इसके कारण 8 से 10 यूनिट बंद हो चुकी हैं। अगर ऐसा ही हाल रहा तो दिवाली से पहले पूरा प्रदेश अंधेरे में डुब जाएगा।
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वर्तमान में प्रदेश को 12500 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। प्रदेश को छत्तीसगढ़ से कोयला मिलता है और एक बार कोयला नहीं मिलने के कारण यह सकंट खड़ा हो रहा है। कोयले का स्टॉक 11 दिन का ही बचा है। गाइडलाइंस के अनुसार 26 दिन का कोयला स्टॉक में होना चाहिए। पिछले 1 साल से राजस्थान में केंद्रीय गाइडलाइंस की पालना नहीं हो रही है और इसके चलते आम जनता को परेशानी हो रही है।

आने वाले दिनों दीपावली का पर्व है और इस समय सबसे ज्यादा बिजली की आवश्यकता होती है। कोयला सप्लाई और बिजली प्रोडक्शन के हालात नहीं सुधरे तो पूरा प्रदेश जल्द अंधेरे में डूब जाएगा। सरकार को छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार से बात करें ताकि कोयले का संकट खत्म हो जाए।





