कांग्रेस का वजूद बचाने की आखिरी उम्मीद भी खत्म, पीके की कांग्रेस में नो एंट्री
कांग्रेस पार्टी के लिए इन दिनों कुछ भी सही नहीं हो रहा है और इसी वजह से कांग्रेस के नेता अपनी ही पार्टी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। देश की सबसे प्राचीन पार्टी अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रही है लेकिन लगातार हार के बाद भी नेताओं को समझ नहीं आ रहा है कि वह पार्टी को फिर से कैसे खड़ा करें।
पिछले दिनों चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ सभी बड़े नेताओं के साथ दिल्ली में बैठक हुई थी। इस बैठके के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि पीके जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए बताया कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे।

प्रशांत किशोर ने बताया कि वे कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने ट्वीट करके कहा, चुनावों की जिम्मेदारी लेने के कांग्रेस के उदार प्रस्ताव को अस्वीकार किया है और मेरी विनम्र राय में पार्टी को मुझसे अधिक नेतृत्व और सामूहिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। पीके ने पहली भी कांग्रेस को सुझाव देते हुए कहा था कि बीजेपी से टक्कर लेना आसान काम नहीं है और उनको इसके लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है।





