इस डर के कारण रूस ने किया यूक्रेन पर हमला, नाटो के सहारे अमेरिका की नई चाल
रूस और यूक्रेन के बीच जंग शुरू हो गयी है और रूसी सेना यूक्रेन के कई शहरों पर कब्ज कर लिया है। इस जंग की असली वजह नाटो को बताया जा रहा है और पुतिन ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन इसी वजह से शुरू किया है। यूक्रेन नाटो का सदस्य बनने की तैयारी कर रहा है और रूस इसका विरोध कर रहा है। रूस से साफ कह दिया है कि अगर नाटो इस जंग में कुदता है तो उसको गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
रूस नहीं चालता कि यूक्रेन NATO में शामिल हो और उसके सदस्य देशों की सेना उसकी सीमा पर तैनात हो। नाटो का गठन दूसरे विश्व युद्ध के बाद हुआ था और इसको बनाने का प्रमुख कारण रूस ही था। दूसरे विश्व युद्ध के समय सोवियत संघ ने पूर्वी यूरोप के इलाकों से सेनाएं हटाने से इनकार कर दिया इसके बाद अमेरिका ने सोवियत संघ की विस्तारवादी नीति को रोकने के लिए NATO का गठन किया था।
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नाटो में पहले अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, इटली, नीदरलैंड, आइसलैंड, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नॉर्वे, पुर्तगाल और डेनमार्क शामिल थे लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 30 हो गयी है। इसके बाद नाटो ने एक नीति बनाई उसमे यह बात शामिल की गयी कि नाटो से जुड़े किसी भी देश पर हमला होता है तो उसे अन्य सदस्य देशों पर हुआ हमला माना जाएगा और उसकी रक्षा के लिए सभी देश उसका साथ देंगे।
इसके बाद दुनिया दो सुपर पावर में बट एक अमेरिका और दूसरा सोवियत संघ था। लेकिन 1991 को सोवियत संघ टूट गया और अमेरिका दुनिया का एकमात्र सुपर पावर रह गया। रूस के टूकड़े होकर 15 नए देश बने जिसमें बेलारूस, इस्टोनिया, रूस, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और यूक्रेन जैसे देश बने।
इसके बाद अमेरिका अपनी ताकत बढ़ाने के लिए रूस से अलग हुए देशों को नाटो में जोड़ने लगा और इसके बदले उनको बड़ी मात्रा में आर्थिक सहायता देना शुरू कर दिया। इसी बात से रूस नाराज होने लगा उसने यूक्रेन को साफ शब्दों में कह दिया कि वह नाटो में शामिल होगा तो उसको इसकी किमत चुकानी पड़ेगी।

रूसी ने कहा पूरब में NATO का विस्तार किसी भी हालत में मंजूर नहीं है और अमेरिका हमारे दरवाजे पर मिसाइलों के साथ खड़ा होने की तैयारी कर रहा है अगर कनाडा या मैक्सिको की सीमा पर मिसाइलें तैनात करें तो अमेरिका की नींद उड़ जाएगी। पुतिन ने कहा रूस को घेरने के लिए उसकी सीमा से सटे इस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और तुर्की NATO के सदस्य बने है और अब अगर यूक्रेन भी NATO से जुड़ जाता है तो रूस पूरी तरह से घिर जाएगा जो उसे पसंद नहीं है। अगर यूक्रेन NATO में जाता है तो NATO की मिसाइलें यूक्रेन की धरती जम जाएगी।





