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चीन हुआ बेशर्म: प्राइवेट पार्ट से लिया जाएगा कोरोना का सैंपल, जानें इसका खतरा

प्रकाशित: Jan 24, 2022 14:28रिपोर्ट: Navtej TV

दुनिया में कोरोना वायरस का पहला मामला चीन में आया था और इसके बाद पूरी दुनिया में इसका कहर बरपा था। चीन के कारण कई देशों के हालात इतने खराब हो गए है कि वे कंगाली की कगार पर जाकर खड़े हो गए है। कोरोना के बाद उसके नए—नए वैरिएंट ने भी लोगों का जीना हराम कर दिया है। लेकिन इस बार चीन में कोरोना टेस्ट के लिए ऐसा काम किया है ​जिसके कारण पूरी दुनिया को शर्म आ रही है।

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चीन अपने देश से कोरोना को खत्म करने के लिए कई प्रकार की कड़े कदम उठा रहे है लेकिन इसके बाद भी कोरोना का संक्रमण रूक नहीं पा रहा है। इस बार चीन ने कोरोना टेस्ट के लिए बेशर्मी की सारी हदे पार कर दी है और इस कारण सभी लोग हैरान है। चीन में शीतकालीन ओलंपिक शुरू होने से पहले चीन ने कोरोना के सभ वैरिएंट को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

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चीन की सरकार ने फैसला किया है कि वह कोरोना की जांच के लिए अब एक बार फिर एनल स्वाब यानी गुदा से नमूने लेने का ऐलान कर दिया है। एक खबर के अनुसार दावा किया गया है कि कई लोगों के नमूने मलद्वार से लिए गए और इसमें कई महिलाएं भी शामिल है। इस जांच को लेकर वहां के डॉक्टरों ने दावा किया है ऐसा करने से कोरोना की सटीक जांच हो सकती है।


चीन के डॉक्टरों ने दावा किया है कि कोरोना से संक्रमित कुछ जल्दी ठीक हो जाते है लेकिन उनके लक्षणों की पहचान आसान नहीं होती है।लेकिन वायरस उनके शरीर में मौजूद रहता है और इसलिए प्राइवेट पार्ट से लिया गया सैंपल उसकी सही जानकारी देता है। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए कई शहरों में सख्त पांबदिया लगा दी गयी है और ओमिक्रॉन केस आने के बाद बीजिंग में सख्त लॉकडाउन लगाने की खबर भी आ रही है।

चीन में 'जीरो कोरोना पॉलिसी' का ऐलान कर दिया गया है यानि एक भी कोरोना मरीज आने पर सख्त लॉकडाउन लगा दिया जाएगा। इसी वजह से चीन ने गुदा स्वाब का नियम लागू कर दिया गया है जिसके कारण कोरोना की सटीक जांच से उसका पता लगाया जा सके।